Rajasthan Budget: सात संकल्पों पर आधारित राजस्थान का सालाना बजट पेश

Last Updated 20 Feb 2020 01:12:38 PM IST

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राज्य का बजट गुरुवार को विधानसभा में पेश किया।


राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)

राजस्थान के सालाना बजट में निरोगी राजस्थान के साथ साथ किसानों की संपन्नता, महिला व बाल कल्याण पर जोर देते हुए कहा गया है कि सरकार पानी, बिजली व सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर ध्यान देगी। बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है जबकि विभिन्न कर प्रस्तावों के माध्यम से लगभग 130 करोड़ रुपये की रियायतें दी गयी हैं।   

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ‘सात संकल्पों’ पर आधारित वित्त वर्ष 2020-21 का बजट गुरुवार को राज्य विधानसभा में पेश किया। उन्होंने सात संकल्पों को इस बजट की प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि इस बजट में कोशिश की गई है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद राज्य में विकास की राह बाधित नहीं हो।    बजट में गहलोत ने आगामी वित्त वर्ष में 53,181 नयी भर्तियां करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री गहलोत के पास वित्त विभाग भी है।   

गहलोत ने कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में सरकार की राजस्व प्राप्तियां 1,73,404.42 करोड़ रुपये, राजस्व व्यय 1,85,750.03 लाख रुपये व राजस्व घाटा 12,345.61 करोड़ रुपये रहना अनुमानित है। बजट अनुमानों में राजकोषीय घाटा 33922.77 करोड़ रुपये रहना अनुमानित है जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद जीएसडीपी का 2.99 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही वित्त वर्ष 2019-20 के लिए संशोधित बजटीय अनुमान भी सदन में पेश किए।   

गहलोत के बजट भाषण की मुख्य बातों का जिक्र किया जाए तो इसमें अगले वित्त वर्ष में 53,181 नयी भर्तियां करने की घोषणा शामिल है। जिसमें सबसे अधिक 41,000 भर्तियां शिक्षा विभाग में होंगी।

इसके साथ ही गहलोत ने 100 करोड़ रुपये के निरोगी राजस्थान प्रबंधन कोष के गठन, मिलावटखोरों के खिलाफ कड़े कदमों के तहत एक प्राधिकरण व फास्ट्र ट्रेक अदालतें बनाने, 100 करोड़ रुपये का नेहरू बाल संरक्षण कोष के गठन, राजस्थान राज्य आर्थिक पिछड़ा वर्ग बोर्ड के गठन, 100 करोड़ रुपये के पर्यटन विकास कोष के गठन, सरकारी विद्यालयों में शनिवार को ‘नो बैग डे’, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का निजी अस्पतालों में इलाज अनिवार्य किए जाने व सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को पांच प्रतिशत बढाकर 17 प्रतिशत किये जाने की घोषणा अपने बजट में की।   

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में कोई भी नया कर नहीं लगाया जा रहा है तथा इसके कर प्रस्तावों से 130 करोड़ रुपये से अधिक की राहत प्रदान की गयी है।   

बजट की शुरुआत में गहलोत ने कहा कि जन्म, जाति, मूल निवास, आय व विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र व ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सरकारी सेवाएं जनता को उनके घर में ही मिले इसके लिए जयपुर व जोधपुर में प्रायोगिक स्तर पर एक परियोजना शुरू करने की मंशा सरकार की है। गहलोत ने कहा कि राज्य के विकास के जो सात संकल्प इस बजट में हमने तय किए हैं वही आगामी वर्ष के लिए हमारा प्रमुख एजेंडा होगा। मेरी प्रतिबद्धता सदैव शासन की जवाबदेही व सेवाओं की प्रभावी व समयबद्ध अदायगी पर रही है। हम आगे भी ऐसा करते रहेंगे।     इससे पहले अपने बजट भाषण की शुरुआत में गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण उसके राजस्व में कमी आई है और इसका खामियाजा राजस्थान को भी भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को केंद्रीय करों में मिलने वाले हिस्से में 10,362 करोड़ रुपये की कटौती की जा रही है।   

गहलोत ने कहा ‘‘हमारी संघीय व्यवस्था में राज्यों की वित्तीय स्थिति काफी हद तक केंद्र सरकार की नीतियों तथा निर्णयों पर निर्भर करती है। आज देश की अर्थव्यवस्था के अधिकांश सूचकांक संकेत दे रहे हैं कि देश की अर्थव्यवस्था वर्तमान में बुरे दौर से गुजर रही है।’’ पिछले बजट में जनकल्याणकारी कदमों का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि हमने इस बजट में भी ठोस कार्ययोजना पेश करने का प्रयास किया है।   

उन्होंने कहा ‘‘ हमारे लिए संपूर्ण राजस्थान एक परिवार की तरह है। इस परिवार के लिए मैं सात संकल्पों को इस बजट की प्राथमिकताएं बनाना चाहता हूं। ये संकल्प हैं निरोगी राजस्थान, संपन्न किसान, महिला बाल व वृद्ध कल्याण, सक्षम मजदूर छात्र युवा जवान, शिक्षा का परिधान, पानी बिजली व सड़कों का मान, कौशल व तकनीकी प्रधान।’’   

गहलोत ने कहा, ‘‘हमारी सरकार की वित्तीय नीतियां व प्राथमिकताएं क्या हों इसके लिए हमने कृषकों, पशुपालकों, महिलाओं, छात्रों, युवाओं, औद्योगिक व व्यापारिक संगठनों, सिविल सोसायटी के विचारों तथा सुझावों को ध्यान में रखते हुए एक समावेशी बजट बनाने का प्रयास किया है। प्रदेश के समग्र विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आने वाले वर्ष में कौन कौन से दूरगामी कदम उठाना चाहते हैं इसका ब्यौरा देने से पहले ये समीचीन है कि मैं देश की आर्थिक स्थिति की सच्ची तस्वीर आपके सामने पेश करूं।’’   

गहलोत ने कहा, ‘‘इसका जिक्र करने का कारण यह भी है कि हमारी संघीय व्यवस्था में राज्यों की वित्तीय स्थिति काफी हद तक केंद्र सरकार की नीतियों और निर्णयों पर निर्भर करती है।’’ विनिर्माण, सेवा और कृषि क्षेत्र के वृद्धि दर अनुमानों का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि उक्त सभी आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गयी है।   

उन्होंने कहा ‘‘केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण राजस्व में जो गिरावट आ रही है उसके खामियाजे के रूप में केंद्र द्वारा, हमें भेजे जाने वाले हमारे हिस्से की कर राशि में से 10,362 करोड़ रुपये काटे जा रहे हैं। केंद्र सरकार तो कई तरीकों से धन जुटा लेती है जैसे रिजर्व बैंक से धन लेकर, एयर इंडिया व बीपीसीएल में विनिवेश कर, एलआईसी में हिस्सेदारी कम करके जबकि राज्यों के पास कोई विकल्प नहीं है।’’   

मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘ इन चुनौतियों के बावजूद इस बजट में हमने कोशिश की है कि विकास की राह बाधित नहीं हो।’’

 

 

 

भाषा
जयपुर


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