Twitter

Facebook

Youtube

RSS

Twitter Facebook
Spacer
समय यूपी/उत्तराखंड एमपी/छत्तीसगढ़ बिहार/झारखंड राजस्थान आलमी समय

17 Sep 2020 01:06:48 PM IST
Last Updated : 17 Sep 2020 01:26:03 PM IST

कमलनाथ के ग्वालियर दौरे से मध्य प्रदेश में चढ़ा सियासी पारा

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा के उपचुनाव से पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ग्वालियर दौरे ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। भाजपा जहां कमलनाथ के दौरे पर तंज कस रही है, वहीं कांग्रेस जनता के बढ़ते रुझान का दावा कर रही है।

राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है और इनमें सबसे ज्यादा 16 सीटें ग्वालियर-चंबल इलाके से आती हैं। यही कारण है कि दोनों राजनीतिक दलों- भाजपा और कांग्रेस का सबसे ज्यादा जोर इसी इलाके पर है। यह पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव क्षेत्र भी माना जाता है। यही कारण है कि भाजपा लगातार सक्रियता बढ़ा रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस भी सक्रिय हो चली है।

कमलनाथ का दो दिवसीय ग्वालियर दौरा शुक्रवार से शुरू हो रहा है। कांग्रेस इसे मेगा-शो बता रही है, जिसमें कमलनाथ रोड शो करेंगे और इस अंचल की 36 सीटों के कार्यकर्ताओं और नेताओं से संवाद करेंगे। लगभग दो साल में कमलनाथ का यह पहला ग्वालियर दौरा है।

कांग्रेस प्रवक्ता अजय सिंह यादव सियासी तौर पर कमलनाथ के इस दौरे को महत्वपूर्ण मानते हैं। उनका कहना है, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद इस क्षेत्र की जनता की कांग्रेस और कमलनाथ से आशाएं बढ़ी हैं। वास्तव में इस इलाके का मतदाता और आम जनता का बड़ा वर्ग सिंधिया को नापसंद करता है, यह बात बीते कुछ दिनों में सामने भी आ गई है। सिंधिया खुद छह माह तक ग्वालियर नहीं गए और जब गए तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ। इस दौरे के दौरान सिंधिया को भारी विरोध का सामना भी करना पड़ा। इससे साबित होता है कि सिंधिया के खिलाफ जनता में कितना आक्रोश है।

वहीं, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कमलनाथ के ग्वालियर दौरे पर कहा, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की जनता से झूठ बोला है, क्षेत्र के साथ अन्याय किया है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के दम पर ही बनी थी और जनता ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री देखना चाहती थी। लेकिन दिग्विजय-कमलनाथ ने इस क्षेत्र के साथ छल किया और कमलनाथ मुख्यमंत्री बन गए। अब इस क्षेत्र की जनता पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से यह जानना चाहती है कि उन्होंने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विकास के लिए क्या काम किया? क्यों इस क्षेत्र के विकास और सम्मान की पीठ में छूरा भोंका?

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के दौरे पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कमलनाथ का यह दौरा क्षेत्र की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र सिंधिया के प्रभाव का है, कमलनाथ सत्ता में रहते ग्वालियर आए नहीं, अब आ रहे है। कांग्रेस की पहली कतार भाजपा में जा चुकी है, कमलनाथ के सामने नई कतार खड़ी करने की चुनौती है, कमलनाथ का यह दौरा आने वाले उप-चुनावों की तस्वीर पर से कुछ धुंध हटाने वाला हो सकता है।


Source:PTI, Other Agencies, Staff Reporters
आईएएनएस
भोपाल
 
 

ताज़ा ख़बरें


लगातार अपडेट पाने के लिए हमारा पेज ज्वाइन करें
एवं ट्विटर पर फॉलो करें |
 


फ़ोटो गैलरी

 

172.31.21.212