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29 Nov 2021 02:26:42 AM IST
Last Updated : 29 Nov 2021 02:30:10 AM IST

जेएंडके में आतंकियों के मददगार कर्मचारी होंगे बर्खास्त

जेएंडके में आतंकियों के मददगार कर्मचारी होंगे बर्खास्त

संघ शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का शासन अब ऐसे करीब 50 अफसरों तथा कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने जा रहा है, जो आतंकवाद को बढ़ाने में मददगार अथवा निष्पादित हैं।

सूत्रों का कहना है कि प्रदेश शासन इन अफसरों तथा कर्मचारियों के खिलाफ नौकरी से बाहर का रास्ता खुफिया एजेंसियों द्वारा दी गई रिपोर्ट के बाद उठाने जा रहा है। निष्पादित अफसर व कर्मचारी से मायने उनसे हैं जोकि नॉन परफॉर्मिंंग हैं।

मालूम हो कि प्रदेश शासन इससे पहले भी आतंकवादियों के मददगारों कई अफसरों व कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर चुका है जिनमें शिक्षा विभाग तथा जंगलात आदि विभागों में नौकरी करने वाले अफसर तथा कर्मचारी शामिल थे। बताया गया कि ऐसे संदिग्ध अफसर व कर्मचारी खुफिया एजेंसियों के राडार पर हैं।

इनमें करीब 28 वह अफसर अथवा कर्मचारी हैं जिन पर प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से आतंकवाद को बढ़ावा देने को लेकर सबूत जुटाए गए हैं। शेष वह अफसर अथवा कर्मचारी हैं जिनका ट्रैक रिकॉर्ड नान परफॉर्मिंग पाया गया है।

सूत्रों का कहना है कि प्रदेश शासन इनके प्रति कोई रियायत बरतने को तैयार नहीं है।

बल्कि इनके खिलाफ आने वाले दिनों में कभी भी बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकती है। काबिले गौर है कि ऐसे अफसरों तथा कर्मचारियों की बहुतायत संख्या घाटी से है। वहीं, इस बाबत जम्मू संभाग से भी कुछ संख्या है।

सूत्रों का कहना है कि इस प्रकार के अफसर अथवा कर्मचारी बीते कई साल से खुफिया एजेंसियों के निशाने पर थे। लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों के समय या तो उनके प्रति नरमी बरती गई अथवा कुछेक अदालत के जरिए नौकरी पर बहाल हो गए।

लेकिन केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद ऐसे अफसरों अथवा कर्मचारियों के खिलाफ बेहद कड़े कदम उठाने की कवायद फिर से शुरू की गई है। आने वाले दिनों में जिन अफसरों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा रही है उनमें कुछेक स्टेट कैडर तथा राजपत्रित अधिकारी भी हैं।

बताया गया कि ऐसे अफसरों तथा कर्मचारियों के खिलाफ दिवंगत मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के कार्यकाल में भी नौकरी से बर्खास्त की कार्रवाई की गई थी। लेकिन उनमें से कुछ कानूनी रास्ते से नौकरी पर लौट आए थे। कहा जा  रहा है कि मौजूदा शासन प्रदेश में आतंकवाद पर काबू पाने के लिए यह कठोर कदम उठाने में लगा है।


Source:PTI, Other Agencies, Staff Reporters
सहारा न्यूज ब्यूरो/सतीश वर्मा
जम्मू
 
 

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