प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को जापान के अपने समकक्ष शिगेरू इशिबा के साथ शिखर वार्ता की, जिसका उद्देश्य व्यापार, निवेश और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों समेत समग्र द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ाना है।
मोदी के जापान की राजधानी पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद दोनों नेताओं ने 15वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में मुलाकात की।
शिखर वार्ता से पहले, प्रधानमंत्री ने भारत-जापान व्यापार मंच को संबोधित करते हुए कहा कि जापान की प्रौद्योगिकी और भारत की प्रतिभा मिलकर इस सदी की तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के अपने पूर्व समकक्षों योशीहिदे सुगा और फुमियो किशिदा से भी मुलाकात की।
दोनों नेताओं के बीच शिखर वार्ता से कई परिणाम निकलने की उम्मीद है, विशेषकर व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में।
जापान भारत का पांचवां सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश स्रोत है, जिसमें दिसंबर 2024 तक 43.2 अरब अमेरिकी डॉलर का संचयी निवेश दर्ज किया गया है।