37 साल बाद भाजपा को ऐतिहासिक कामयाबी
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति (राज्यसभा के सभापति), लोकसभा अध्यक्ष और प्रधानमंत्री सभी शीर्ष पदों पर संघ की विचारधारा वाले भाजपा कार्यकर्ता आसीन हो गए हैं.
![]() प्रधामंत्री नरेन्द्र मोदी एवं नवनियुक्त निर्वाचित उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू |
भाजपा के लिए यह ऐतिहासिक दिन महज 37 साल में ही आ गया. प्रधानमंत्री पद तो उसे 1996 में ही मिल गया था, लेकिन राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष का पद उससे दूर था.
भाजपा और आरएसएस, दोनों के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक है. शनिवार को वेंकैया नायडू के उप राष्ट्रपति पद के चुनाव में जीतने के साथ ही राज्यसभा का सभापति पद भी भाजपा को मिल गया. उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है. राष्ट्रपति के पद पर 15 दिन पहले ही राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद काबिज हुए थे. इससे पहले 2014 में आम चुनाव जीतने के साथ ही प्रधानमंत्री और फिर लोकसभा अध्यक्ष का पद मिल गया था.
वैसे तो 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना हो गई थी और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निधन के बाद 1953 में पंडित दीनदयाल उपाधाय के जनसंघ का अध्यक्ष बनने के साथ ही संघ की विचारधारा की राजनीतिक पार्टी की यात्रा शुरू हो गई थी. आपातकाल के बाद 1977 में सभी दलों ने जनता पार्टी का गठन किया था. 1979 में जनता पार्टी में विघटन होने का एक प्रमुख कारण जनसंघ नेताओं की दोहरी सदस्यता भी थी. हालांकि जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हो गया था, लेकिन जनसंघ के नेता अपना गुट बनाए रहे और आरएसएस के सदस्य बने रहे. 1980 में सरकार गिरने के बाद जनसंघ के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का गठन कर नई यात्रा शुरू हुई.
भाजपा के पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी ने पार्टी के मुम्बई में हुए पहले अधिवेशन में यादगार बयान दिया था, ‘अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा’. आज करीब 37 साल बाद देश में पूरी तरह से कमल खिल गया है. शुरुआती दौर में भाजपा लोकसभा की केवल दो ही सीट जा पाई थी, लेकिन राममंदिर आंदोलन के साथ भाजपा ने देश में हिन्दुत्व की विचारधारा को राजनीति के केन्द्र में ला दिया. लालकृष्ण आडवाणी ने रथयात्रा निकाली, इससे भाजपा की संख्या 2 से बढ़कर 89 और फिर 119, 181 तक पहुंच गई. 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बन गए. वह दिन भी भाजपा के लिए ऐतिहासिक था. संघ का स्वयंसेवक और भाजपा कार्यकर्ता पहली बार प्रधानमंत्री बना था.
2014 भाजपा के लिए एक और इतिहास बनकर आया, जब भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी. तब नरेंद्र मोदी प्रधानंमत्री बने और सुमित्रा महाजन को लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया.
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