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17 Jul 2013 06:01:34 AM IST
Last Updated : 17 Jul 2013 03:48:08 PM IST

बिहार के छपरा में मिड डे मील से 22 बच्चों की मौत

गंभीर रूप से बीमार बच्चों को इलाज के लिए पीएमसीएच ले जाता अस्पतालकर्मी

बिहार में स्कूल में बने भोजन को खाने से 70 बच्चे बेहोश हो गये जिनमें 17 की छपरा में,चार बच्चों और एक महिला की पीएमसीएच लाये जाते समय मौत हो गई.

सारण जिले के मशरख थाना क्षेत्र के धर्मा सती गंडामन गांव में मंगलवार को उस समय कोहराम मच गया जब प्राथमिक विद्यालय में बने भोजन को खाने से 70 बच्चे बेहोश हो गये जिनमें 17 की छपरा में जबकि चार बच्चों की छपरा से पीएमसीएच लाये जाते समय मौत हो गई.

कई बच्चों की हालत गंभीर बतायी जाती है. देर रात तक 31 बच्चे पीएमसीएच पहुंच चुके थे, जिनमें 10 की  हालत गंभीर बनी हुई थी. इसके साथ ही खाना बनाने वाली महिला की मौत हौ गई.

घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने मशरख बाजार में जमकर हंगामा किया और महावीर चौक के पास मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. मामले की जांच के लिए एफएसएल की टीम को भेजा गया है.

आरजेडी-बीजेपी का छपरा बंद एलान

घटना के विरोध में राजद ने बुधवार को सारण बंद का आह्वान किया है. पूर्व उप मुख्यमंत्री व विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी सुबह 8 बजे मशरख रवाना होंगे.

कहा जा रहा है कि खाना बनाने के लिए जिस तेल का इस्तेमाल किया गया वह विषाक्त था.

बच्चों की मौत की वजह भी प्रथम दृष्टया तेल ही माना जा रहा है. एफएसएल के वैज्ञानिक तेल के साथ भोजन की भी जांच करेंगे.

तेल में कौन सा जहरीला पदार्थ है और उसकी मात्रा कितनी है, जैसे तमाम बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की जाएगी. जांच के लिए एफएसएल पटना के टॉक्सोलॉजी विभाग के वैज्ञानिकों को मशरख भेजा गया है.

मिली जानकारी के अनुसार प्रख्ड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय धर्मा सती गंडामन में अन्य दिनों की भांति मध्याह्न भोजन बना था जिसके तहत मंगलवार को चावल-दाल और सब्जी बनायी गयी थी.

दोपहर में भोजनावकाश के समय विद्यालय के बच्चों ने चावल दाल व सब्जी खायी. खाने के कुछ ही देर बाद बच्चे बेहोश होते चले गये. देखते ही देखते विद्यालय के 70 बच्चे बेहोश हो गये.

सूचना मिलते ही गांव वाले आनन-फानन में बेहोश बच्चों को इलाज कराने के लिए मशरख प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर भागे जहां समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जैसे-तैसे उनका इलाज शुरू हुआ.

इलाज के लिए नजदीक स्थित कुमार क्लीनिक एवं डॉ. नागेर सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल के सभी चिकित्सकों एवं सदस्यों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जाकर इलाज शुरू किया.

विषाक्त भोजन खाने से विद्यालय की रसोइया मंजू देवी भी बेहोश हो गयी. उसकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए छपरा सदर अस्पताल भेजा गया. अस्पताल में इलाज के दौरान 19 बच्चों की मौत हो गई वहीं 51 बच्चे बेहोशी की अवस्था में पड़े हुए थे.

घटना की जानकारी देते हुए महिला रसोईया पानो देवी और मंजू देवी ने बताया कि मंगलवार को दाल, भात एवं सब्जी बनाने का कार्यक्रम था जिसके तहत दाल-भात बन गया पर जैसे ही कड़ाही में तेल डाला गया वैसे ही धुंआ निकलने लगा.

बावजूद इसके आलू और सोयाबीन की सब्जी बनायी गयी और जिन बच्चों ने दाल भात खाया उनको तो कोई परेशानी नहीं हुई मगर जिन बच्चों ने सब्जी के साथ भात-दाल खाया, वह खाते ही बेहोश हो गये.

स्वयं वह भी बेहोश हो गयी थी. बच्चों के बेहोश होने की खबर जैसे ही गांव के लोगों को मिली, वे दौड़ते हुए विद्यालय पहुंचे और अपने बच्चे का इलाज कराने के लिए अस्पताल लेकर भागे.

जानकारी मिलने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मशरख पर पहुंचे मढौरा अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार शर्मा एवं डीएसपी कुन्दन कुमार ने विधि व्यवस्था अपने हाथ में ली.

अस्पताल में प्रतिनियुक्त चिकित्सकों के साथ मिलकर शर्मा एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने बेहोश छात्रों के इलाज की कवायद शुरू की.

छात्रों की गंभीर स्थिति को देखते हुए निजी वाहनों एवं एम्बुलेंस से इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया. रात 11 बजे तक आक्रोशित ग्रामीण मुख्य मार्ग पर डटे हुए थे.

मढ़ौरा अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार शर्मा एवं एसडीपीओ कुन्दन कुमार, बीडीओ पूनम कुमारी, सीओ, मशरख थानाध्यक्ष कपूर नाथ शर्मा पुलिस बल के साथ स्थिति को नियंतण्रकरने में जुटे थे.

महाराजगंज के सांसद प्रभुनाथ सिंह ने घटना पर दु:ख प्रकट करते हुए प्रशासन से त्वरित कदम उठाते हुए सभी बच्चों के इलाज के लिए व्यापक व्यवस्था की मांग की है.

बच्चों के शरीर में आग्रेनोफॉस्फोरस मिला : शाही

छपरा के मशरख में विषाक्त भोजन के सेवन से गंभीर रूप से बीमार बच्चों के शरीर में आग्रेनोफास्फोरस पाया गया है. यह जानकारी शिक्षा मंत्री पीके शाही ने मंगलवार देर रात पीएमसीएच परिसर में दी.

रात करीब डेढ़ बजे तक चार एम्बुलेंस से 31 बच्चों को गंभीर हालत में पीएमसीएच लाया गया. इनमें चार बच्चे मृत अवस्था में थे. अस्पताल के अंदर पत्रकारों को भी नहीं जाने दिया गया.

अनहोनी की आशंका के मद्देनजर पूरे अस्पताल परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. देर रात मंत्री श्याम रजक व स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव व्यासजी ने पीएमसीएच पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया.

मुख्यमंत्री ने दिया जांच का आदेश

मशरख प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय में विषाक्त भोजन से बच्चों की मौत की घटना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा दुख जताया है. उन्होंने सारण प्रमंडल के आयुक्त और पुलिस उप महानिरीक्षक को घटना की जांच का आदेश दिया.

मुख्यमंत्री ने इस घटना में मरने वाले हर बच्चे के परिजनों को मुआवजे के तौर पर दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की. डेढ़-डेढ़ लाख रुपये आपदा प्रबंधन विभाग तथा 50-50 हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष की ओर से दिये जायेंगे.

घटना की जांच में पुलिस की एफएसएल टीम भी सहयोग करेगी. जांच रिपोर्ट अतिशीघ्र मुख्यमंत्री को सौंपी जायेगी. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जांच में जो लोग दोषी पाये जायेंगे, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

उन्होंने अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती बच्चों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा सुलभ कराने का भी आदेश अधिकारियों को दिया.

इस घटना से मर्माहत मुख्यमंत्री ने  बुधवार को होने वाले भामाशाह सम्मान समारोह में शरीक होने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है. घटना की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री पीके शाही को तलब किया.

थोड़ी देर बाद ही श्री शाही  मिड डे मील योजना के निदेशक आर लक्ष्मण और प्राथमिक शिक्षा सचिव राहुल सिंह के साथ सारण के लिए रवाना हो गये. वे वहां उस स्कूल का जायजा लेंगे, जहां बच्चों की मौत हुई है.

इससे पहले उन्होंने घटना को दुखद बताया और कहा कि इसकी विभागीय जांच भी करायी जायेगी. इस हादसे के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी विद्यालयों में मिड डे मील योजनाओं का औंचक निरीक्षण करने का फरमान जारी कर दिया.

इसके लिए मुख्यालय स्तर के 11 पदाधिकारियों को लगाया गया है.

मिड डे मील के निदेशक आर लक्ष्मण ने बताया कि यह अभियान पूरे माह चलेगा.

इसके तहत उप निदेशक कमलेश झा को खगड़िया, विशेष कार्य पदाधिकारी संजय सिंह को कटिहार, सहायक निदेशक उर्मिला कुमारी को बेगूसराय, कनीय अनुश्रवण पदाधिकारी रामानंद पोद्दार को पूर्णिया, सहायक कार्यक्रम समन्वयक मो. मुज्तबा को किशनगंज, सहायक कार्यक्रम समन्वयक विजय प्रताप सिंह को शेखपुरा, सहायक कार्यक्रम समन्वयक संगीता गिरी को रोहतास, लेखा पदाधिकारी सरोज कुमार को अरवल, पोषाहार विशेषज्ञ प्रगति को पूर्वी चंपारण, सहायक कार्यक्रम समन्वयक अखिलेश कुमार रंजन को औरंगाबाद तथा सहायक कार्यक्रम समन्वयक रमेश प्रसाद को दरभंगा की जिम्मेवारी दी गयी है.

पासवान ने मध्याह्न भोजन के बाद हुई विद्यार्थियों की मौत पर नीतीश से मांगा इस्तीफा

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रमुख रामविलास पासवान ने छपरा में मध्याह्न भोजन करने के बाद स्कूली विद्यार्थियों की मौत हो जाने को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री की कड़ी आलोचना की और उनके इस्तीफे की मांग की.

पासवान ने हाजीपुर में बम धमाकों को लेकर भी कुमार को भला बुरा कहा और आरोप लगाया कि बिहार में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं है.

छपरा में 11 विद्यार्थियों की मौत पर कुमार से इस्तीफे की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि इससे कुमार के सुशासन के दावे की पोल खुल गयी है.
उन्होंने कहा, ‘‘यह मौत नहीं, बल्कि हत्या है जिसके लिए बिहार सरकार एवं मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं. उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.’’


 
 

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