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आत्महत्या के पीछे रैगिंग नहीं : कालेज पैनल |
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पुणे। एक विधि छात्र के आत्महत्या करने के मामले में दक्कन शिक्षा समिति के फर्ग्सूसन कालेज द्वारा तथ्यों का पता लगाने के लिए गठित की समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मृत छात्र की होस्टल में रहने के दौरान कोई रैगिंग नहीं हुई थी।
कालेज प्रशासन ने पुणे यूनिवर्सिटी के कुलपति तथा महाराष्ट्र सरकार के उच्च शिक्षा विभाग को सौंपी गयी रिपोर्ट में छात्र प्रशांत चितलकार के माता-पिता द्वारा लगाए गए रैगिंग के आरोपों से इनकार किया है।
पुलिस ने आज कहा कि अहमदाबाद के राहूरी में दर्ज प्राथमिकता के आधार पर मामले की जांच जारी रहेगी। राहूरी में ही प्रशांत ने एक कुएं में कूद कर आत्महत्या कर ली थी।
विधि कालेज में दूसरे वर्ष का छात्र प्रशांत होस्टल में रहता था और अपने गृहनगर राहूरी में जाने के बाद उसने कथित रूप से सीनियर छात्रों के हाथों प्रताड़ित होने के बाद यह कदम उठाया।
डीईएस प्रशासन के अनुसार, कालेज के प्रिंसिपल रोहिणी होनाप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि छात्र ने अध्यापकों,होस्टल रेक्टर या अपने सहपाठियों या कमरे में साथ रहने वाले छात्रों से रैगिंग के बारे में कोई शिकायत नहीं की थी।
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