देश में सिर्फ उम्रदराज ही नहीं, यंगिस्तान भी बन रहा कोरोना का शिकार

Last Updated 06 Apr 2020 12:17:25 PM IST

कोरोना के खिलाफ इस महाभारत में हमारे देश में जिस यंगिस्तान को एक मजबूत योद्धा माना जा रहा था वही इसका सबसे ज्यादा शिकार हो रहा है।


कोरोना का शिकार बन रहा यंगिस्तान (प्रतीकात्मक फोटो)

इस महामारी के शुरु आती दिनों में जिस तरह से  विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य संस्थाएं यह अनुमान लगा रही थी कि भारत एक युवा आबादी वाला देश है और यहां पर कोरोना का प्रभाव अन्य देशों की अपेक्षा कम रहेगा लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ें बता रहे हैं कि हमारे यहां कोरोना से संक्रमित होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा प्रतिशत देश के युवाओं का है।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार हमारे देश में अभी तक संक्रमित कुल लोगों में से 21 से 40 आयु वर्ग के संक्रमित लोगों का प्रतिशत 42 है। वहीं 41 से 6० वर्ष की आयु वाले लोगों का प्रतिशत 33 है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है दुनिया में जिस ६० वर्ष से ऊपर की आयु वालें को ज्यादा प्रोन माना जा रहा था। हमारे यहां उनका प्रतिशत मात्र सात है। देखा जाए तो दुनिया के अन्य देशों में कोरोना से मरने वाले या संक्रमित होने वाले लोगों की आयु वर्ग में सबसे ज्यादा प्रतिशत 40 से 65 वर्ष का है।

आंकड़े बताते हैं कि हमारे देश में 21 वर्ष से ऊपर और 60 वर्ष की आयु तक के वाले लोगों का प्रतिशत संक्रमित होने वाले कुल आबादी का 75 है। हमारे देश में जीरो से 20 वर्ष की आयु वाले लोगों का प्रतिशत अभी तक नौ है। विशेषज्ञों की माने तो दुनिया के लिए भले ही यह हैरत की बात हो सकती है लेकिन हमारे देश के युवाओं की बड़ी आबादी का खान पान व अनियमित जीवनशैली एक बड़ा कारण है इन आंकड़ों के पीछे॥। जंक फूड़‚ मद्यपान‚ धूम्रपान‚ कोल्ड ड्रिंक एवं मांसाहार का ज्यादा सेवन युवाओं की प्रतिरोधक क्षमता को घटा रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यही ट्रेंड आगे भी रहा तो यह बड़ी चिंता का विषय है और इस पर आगे अध्ययन कर इसका निराकरण करने की जरूरत पड़ेगी। जानकारों का मानना है कि जंक फूड अनियंत्रित जीवनशैली के चलते देश के युवाओं की ना केवल प्रतिरोधक क्षमता कम हुई है बल्कि उनमें समय से पहले ही तमाम लोगों ने घर कर लिया है कि हाइपरटेंशन डायबिटीज जैसे रोग देश के युवाओं में आम बात है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस महामारी से निपटने के बाद हमें इस बात के लिए बड़ा अभियान चलाना पड़ेगा जिसमें कि देश की युवा आबादी को फिर से स्वस्थ एवं मजबूत प्रतिरोधक क्षमता वाला बनाया जाए इसके लिए आबादी को न केवल अपने जीवन शैली में बदलाव लाना होगा‚ बल्कि समय से सोना समय से जागना‚ सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना‚ घर का खाना खाना और जंक फूड‚ कोल्ड ड्रिंक‚ मांसाहार‚ धूम्रपान‚ मद्यपान जैसी चीजों से दूरी बनाने की जरूरत पड़ेगी।

सहारा न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली


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