Twitter

Facebook

Youtube

Pintrest

RSS

Twitter Facebook
Spacer
Samay Live
समय यूपी/उत्तराखंड एमपी/छत्तीसगढ़ बिहार/झारखंड राजस्थान आलमी समय

21 Mar 2017 04:28:27 AM IST
Last Updated : 21 Mar 2017 04:32:45 AM IST

गोवा-मणिपुर : संवैधानिक तकाजे और चलन

फैजान मुस्तफा
नलसार लॉ यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के उपकुलपति
गोवा-मणिपुर : संवैधानिक तकाजे और चलन
संवैधानिक तकाजे और चलन

बीआर अम्बेडकर ने कहा था, ‘भारत में लोकतंत्र भारतीय धरा की ऊपरी परत भर है, एक तरह से वह अलोकतांत्रिक ही है.’

मुख्यमंत्रियों की हालिया नियुक्तियों और उत्तर प्रदेश में चुनाव अभियान के पुट से हमारे लोकतंत्र की कमजोरी का पता चलता है. राज्यपालों के कार्यकलाप ने भी जब-तब अम्बेडकर के कथन को सही साबित किया है. मिगुल द कव्रेटेस ने कहा था, ‘अच्छे गवर्नरों की टांग टूटी होनी चाहिए और घर पर होना चाहिए.’ उसे राजनीति से ऊपर और हर हाल में भेदभावरहित और निष्पक्ष होना जरूरी है. लेकिन हमारे सत्तर साला अनुभव से पता चलता है कि राज्यपाल संघीय ढांचे को चोटिल करते हैं, और उनमें हद दज्रे की संवैधानिक निरंकुशता दिखलाई पड़ती है.
गोवा और मणिपुर में भाजपा द्वारा नियुक्त राज्यपालों ने भाजपा के मुख्यमंत्री नियुक्त करने में जो तत्परता दिखाई है, उसे लेकर संवैधानिक कानूनों के विशेषज्ञों में खासी चर्चा है. बेशक, कांग्रेस को इस बात के लिए कठघरे में खड़ा किया जा सकता है कि उसके नेताओं ने सरकार बनाने के लिए पहलकदमी नहीं दिखाई और समय रहते इस बाबत दावा नहीं पेश कर सके. बहरहाल, यह राजभवन तक कोई दौड़ नहीं थी. लेकिन दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री नियुक्त करने में बेवजह की तेजी दिखाई गई. यह उत्तर प्रदेश के तो सिरे से उलट  था, जहां योगी आदित्यनाथ को असेंबली चुनाव के नतीजों की घोषणा के आठ दिन पश्चात बेहद धीमे अंदाज में मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई. इस विवादास्पद संन्यासी ने लखनऊ में 19 मार्च को शपथ ली. 
तमिलनाडु में सात महीनों से कार्यवाहक राज्यपाल का दायित्व निभा रहे महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर का फैसला मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला और गोवा की चंद्राकांत केवलकर के फैसले के बरक्स पूरी तरह विरोधाभासी था. विद्यासागर ने मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति के लिए कई दिनों तक शशिकला को आमंत्रित नहीं किया. हालांकि उनके पास स्पष्ट बहुमत था. उन्हें शीर्ष अदालत के फैसले की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए थी. सच तो यह है कि उनके पेन्नीरसेल्वम, जिनके पास शशिकला के 122 विधायकों के बरक्स दर्जन भर विधायक भी नहीं थे, के प्रति झुकाव ने उनकी निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगा दिए. बीते वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के मामले में पाया कि भाजपा द्वारा नियुक्त राज्यपाल जेपी राजखोवा ने ‘संविधान को झटका दिया है, और उनका आचरण उचित नहीं था.’ मेघालय के राज्यपाल को यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते त्यागपत्र देना पड़ा.

इन उदाहरणों से पता चलता है कि भाजपा द्वारा नियुक्त राज्यपाल किसी भी तरह से कांग्रेस के शासनकाल में नियुक्त राज्यपालों से भिन्न नहीं हैं. कांग्रेस के दौर के राज्यपालों की भांति ये भी संविधान के बजाय केंद्र सरकार के प्रति ज्यादा निष्ठा दिखाते हैं. अनुच्छेद 164 (1) कहता है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाएगी. संविधान में अनिवार्य रूप से यह नहीं कहा गया कि बहुमत पाने वाली पार्टी के नेता को ही मुख्यमंत्री के तौर पर नियुक्त किया जाना है. लेकिन स्थापित चलन रहा है कि राज्यपाल मनमाना आचरण नहीं कर सकते. संसदीय लोकतंत्र हमारे संविधान का बुनियादी ढांचा है. प्रत्येक राज्यपाल अनुच्छेद 159 के तहत पद की शपथ लेता है, ‘संविधान की रक्षा और उसकी संरक्षण और राज्य के लोगों की बेहतरी और सेवा को तत्पर रहेगा.’
राज्य की राजनीति में विभिन्न वगरे के प्रति उसे निष्पक्ष रहना जरूरी है. गोवा के राज्यपाल का कार्य संविधान के दायरे में था, लेकिन उन्होंने कांग्रेस, जो सबसे बड़ी पार्टी थी, से परामर्श करने या उसे टेलीफोन करके ही तनिक तो निष्पक्षता दिखाई होती. इससे उन्हें सभी की प्रशंसा मिलती. सरकारिया आयोग की सिफारिशों, जिनकी शीर्ष अदालत ने समर्थन किया है, में त्रिशंकु विधान सभा रहने की सूरत में राज्यपाल के समक्ष विकल्पों को क्रमानुसार इस प्रकार बताया है : पहला, चुनाव-पूर्व गठजोड़ द्वारा सर्वाधिक सीटें हासिल करने पर उसके नेता को आमंत्रित किया जाना; दूसरा, सर्वाधिक सीटें पाने वाली पार्टी, जिसके साथ ‘निर्दलीय’ समेत अन्य सदस्य हों, के नेता को आमंत्रित किया जाना; तीसरा, चुनाव के पश्चात गठजोड़ करने वाली पार्टियों के नेता को आमंत्रित किया जाना; और सबसे आखिर में चुनाव के बाद गठजोड़ करने पश्चात अन्य का समर्थन जुटा लेने वाली पार्टी के नेता को आमंत्रित किया जाना. इस हिसाब से भाजपा के दावे पर सबसे बाद में गौर किया जाना चाहिए था.
इतना ही नहीं, भाजपा के मुख्यमंत्री और अधिकतर मंत्रियों को पराजित होना पड़ा था, इसलिए गोवा में जनादेश तो भाजपा के खिलाफ था. चूंकि अब मनोहर पर्रिकर विश्वास मत जीत चुके हैं, संवैधानिक नैतिकता का मुद्दा अब मात्र अकादमिक रुचि का विषय रह गया है.  भारत में त्रिशंकु विधान सभाओं का दौर बना रहना है, और इसलिए मुख्यमंत्रियों की           नियुक्ति की समस्या का कोई स्थायी समाधान खोज लेना होगा.
संविधान सभा में निजामुद्दीन ने सुझाव दिया था कि मुख्यमंत्री को सदन की प्रथम बैठक में चुना जाना चाहिए. इस सुझाव के गुण-दोषों पर गौर करने का समय आ गया है. इसके लिए संविधान संशोधन जरूरी हो तो किया जाना चाहिए. इसके अलावा, चुनाव से छह माह पूर्व की अवधि में किसी नई पार्टी का पंजीकरण नहीं किया जाना चाहिए. छह महीने पहले ही निर्वाचन आयोग को पार्टी सदस्यों की सूची जारी कर देनी चाहिए ताकि चुनाव की पूर्व संध्या पर दल-बदल न होने पाए. विभिन्न चुनाव चिह्नों पर चुनाव लड़ चुके लोगों को मंत्री नहीं बनाया जाना चाहिए. उत्तराखंड और उप्र में दल बदल कर पहुंचे लोगों को मंत्री पद से नवाजा गया है. ‘चरित्र और चाल में अंतर’ का दावा करने वाली भाजपा के लिए यह कतई उचित नहीं कहा जा सकता.
(लेखक  हैं)


 
loading...

ताज़ा ख़बरें


 
लगातार अपडेट पाने के लिए हमारा पेज ज्वाइन करें
एवं ट्विटर पर फॉलो करें |
 

Tools: Print Print Email Email

टिप्पणियां (0 भेज दिया):
टिप्पणी भेजें टिप्पणी भेजें
आपका नाम :
आपका ईमेल पता :
वेबसाइट का नाम :
अपनी टिप्पणियां जोड़ें :
निम्नलिखित कोड को इन्टर करें:
चित्र Code
कोड :



फ़ोटो गैलरी
PICS:

PICS: 'मशीन' देखने थियेटर पहुंचा सिर्फ एक शख्स!

जानिए, नवरात्र में क्या करना चाहिए और क्या नहीं

जानिए, नवरात्र में क्या करना चाहिए और क्या नहीं

कॅरियर की सीढ़ियों पर संभल कर कदम रखिए

कॅरियर की सीढ़ियों पर संभल कर कदम रखिए

TIPS: गर्मियों में कैसे करें बालों की देखभाल?

TIPS: गर्मियों में कैसे करें बालों की देखभाल?

कपिल शर्मा का शो मुश्किल में, जानें ये 5 वजह...

कपिल शर्मा का शो मुश्किल में, जानें ये 5 वजह...

जानिए 26 मार्च से 1 अप्रैल 2017 तक का राशिफल

जानिए 26 मार्च से 1 अप्रैल 2017 तक का राशिफल

कुलदीप की पूर्व क्रिकेटरों ने प्रशंसा की

कुलदीप की पूर्व क्रिकेटरों ने प्रशंसा की

Box office Collection:

Box office Collection: 'अनारकली' ने 'फिल्लौरी' को छोड़ा पीछे, जानिए कमाई

PICS:  \

PICS: \'बच्चों में मोटापा रोकना जरूरी\'

PICS: कानपुर में कुलदीप के घर में जश्न का माहौल

PICS: कानपुर में कुलदीप के घर में जश्न का माहौल

\

\'नच बलिए 8\' की अब तक की 10 रोमांचक खबरें

करीना संग रिश्ते को लेकर शाहिद बोले कुछ ऐसा.....

करीना संग रिश्ते को लेकर शाहिद बोले कुछ ऐसा.....

PICS: स्टीव स्मिथ की अगुवाई वाली आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने तिब्बत के धार्मिक गुरू दलाई लामा से लिया आशीर्वाद

PICS: स्टीव स्मिथ की अगुवाई वाली आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने तिब्बत के धार्मिक गुरू दलाई लामा से लिया आशीर्वाद

कैसा रहेगा 25 मार्च, दिन शनिवार का राशिफल

कैसा रहेगा 25 मार्च, दिन शनिवार का राशिफल

PICS: मेरी कड़ी मेहनत का फल मिल रहा है: अंकुर मित्तल

PICS: मेरी कड़ी मेहनत का फल मिल रहा है: अंकुर मित्तल

पति की बाहों में सनी लियोन बीच पर कर रही हैं मस्ती, See Pics

पति की बाहों में सनी लियोन बीच पर कर रही हैं मस्ती, See Pics

Movie Review: स्लो है अनुष्का शर्मा की \

Movie Review: स्लो है अनुष्का शर्मा की \'फिल्लौरी\'

Movie Review: ‘अनारकली ऑफ़ आरा’ में स्वरा का जलवा

Movie Review: ‘अनारकली ऑफ़ आरा’ में स्वरा का जलवा

CM आवास में बिना एसी, तख्त पर सोएंगे आदित्यनाथ योगी

CM आवास में बिना एसी, तख्त पर सोएंगे आदित्यनाथ योगी

B\

B\'day Special: जानिए सीरियल किसर इमरान हाशमी के बारें में 10 अनसुनी बातें..

World TB Day: जागरूकता लाएं, बच्चों को टीबी से बचाएं

World TB Day: जागरूकता लाएं, बच्चों को टीबी से बचाएं

PICS: दिल्ली: हमेशा के लिए बंद हो जाएगा 84 साल पुराना रीगल सिनेमा, अंतिम फिल्म अनुष्का शर्मा की ‘फिल्लौरी’ होगी

PICS: दिल्ली: हमेशा के लिए बंद हो जाएगा 84 साल पुराना रीगल सिनेमा, अंतिम फिल्म अनुष्का शर्मा की ‘फिल्लौरी’ होगी

1-2 नहीं 6 बल्कि संजय दत्त की बायोपिक में 6 डिफरेंट लुक्स में नजर आएंगे रणबीर कपूर

1-2 नहीं 6 बल्कि संजय दत्त की बायोपिक में 6 डिफरेंट लुक्स में नजर आएंगे रणबीर कपूर

क्या सुलझेगी कपिल शर्मा की \

क्या सुलझेगी कपिल शर्मा की \'गुत्थी\' ?

कैसा रहेगा 24 मार्च, दिन शुक्रवार का राशिफल

कैसा रहेगा 24 मार्च, दिन शुक्रवार का राशिफल

PICS :

PICS : 'गोलमाल' में सबसे मजाकिया किरदार में नजर आएंगे अरशद वारसी

अक्षय कुमार और मेरे पिता में कई समानताएं हैं : भूषण कुमार

अक्षय कुमार और मेरे पिता में कई समानताएं हैं : भूषण कुमार

PICS: नींबू-फिटकरी व मुलतानी मिट्टी दूर करेगी शरीर की बदबू

PICS: नींबू-फिटकरी व मुलतानी मिट्टी दूर करेगी शरीर की बदबू

स्वामी ओम का अब नया तुर्रा, नच बलिए-8 में नाचने की जिद्द

स्वामी ओम का अब नया तुर्रा, नच बलिए-8 में नाचने की जिद्द

सनी लियोन ने किसे किया ब्लॉक

सनी लियोन ने किसे किया ब्लॉक

कैसा रहेगा 23 मार्च, दिन बृहस्पतिवार का राशिफल

कैसा रहेगा 23 मार्च, दिन बृहस्पतिवार का राशिफल

‘टाइगर जिंदा है’ में सलमान-कैटरीना का First Look

‘टाइगर जिंदा है’ में सलमान-कैटरीना का First Look


 

10.10.70.18