EnG vs AFG : नेट रन रेट में सुधार के लिए खेलेगा इंग्लैंड
पहले मैच में शर्मनाक हार के बाद अपने अभियान को वापस पटरी पर लाने वाला गत चैंपियन इंग्लैंड रविवार को यहां अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले विश्व कप मैच में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर बड़ी जीत दर्ज करके ‘नेट रन रेट’ में सुधार करने की कोशिश करेगा।
![]() इंग्लैंड बनाम अफगानिस्तान |
इंग्लैंड की इस टूर्नामेंट में शुरुआत अच्छी नहीं रही थी तथा उसे पांच अक्टूबर को अहमदाबाद में खेले गए मैच में न्यूजीलैंड से 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। जोस बटलर की अगुआई वाली टीम ने हालांकि मंगलवार को धर्मशाला में बांग्लादेश को 137 रन से हराकर अच्छी वापसी की।
न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड के लिए बल्लेबाजी नहीं बल्कि गेंदबाजी चिंता का विषय रही थी। तब डेवोन कॉनवे और रचिन रविंद्र के सामने उसके गेंदबाज क्रिस वोक्स, मार्क वुड, सैम करेन, मोइन अली और आदिल राशिद सामान्य नजर आए।
लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ अगले मैच में इंग्लैंड ने प्रत्येक विभाग में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी टीम की मजबूती का पुख्ता नमूना पेश किया। पारी की शुरुआत करते हुए डेविड मलान ने 107 गेंद पर 140 रन बनाए जबकि जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने भी उपयोगी योगदान दिया।
इंग्लैंड की टीम अरुण जेटली स्टेडियम की सपाट पिच पर बड़ा स्कोर खड़ा करने के लिए अपने सलामी बल्लेबाजों से अच्छी शुरुआत की उम्मीद करेगी। यह अपेक्षाकृत छोटा स्टेडियम है और यहां अभी तक जितने भी मैच खेले गए है, उनमें बड़ा स्कोर बना है। कप्तान बटलर के अलावा हैरी ब्रूक और लियाम लिविंगस्टोन भी मध्यक्रम में उपयोगी योगदान देने के लिए बेताब होंगे।
इंग्लैंड ने पिछले मैच में मोईन अली की जगह रीस टोपली को टीम में शामिल किया था। उसका यह फैसला सही साबित हुआ क्योंकि बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने बांग्लादेश के खिलाफ इस मैच में 10 ओवर में 43 रन देकर चार विकेट लिए थे। वोक्स, वुड, करेन और राशिद सभी फॉर्म में लौट आए हैं। उन्होंने पिछले मैच में न सिर्फ किफायती गेंदबाजी की बल्कि विकेट भी हासिल किए। इंग्लैंड अगले मैच में भी अपने खिलाड़ियों से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद करेगा।
अफगानिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड बड़ी जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा जिससे उसके नेट रन रेट में सुधार हो। पहले मैच में बड़ी हार के कारण उसका नेट रन रेट बहुत अच्छा नहीं है। जहां तक अफगानिस्तान का सवाल है तो लगातार दो मैच हारने के कारण उसके खिलाड़ियों का मनोबल गिरा है। अफगानिस्तान को पहले मैच में बांग्लादेश से 6 विकेट और फिर दूसरे मैच में मेजबान भारत से 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। उसकी टीम में हालांकि प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और वह टूर्नामेंट का पहला उलटफेर करने की कोशिश करेंगे। यह काम हालांकि उनके लिए आसान नहीं होगा।
अफगानिस्तान के लिए सभी विभाग चिंता का विषय हैं। बांग्लादेश के खिलाफ उसके बल्लेबाज नहीं चल पाए थे और उसकी टीम 156 रन पर आउट हो गई थी। भारत के खिलाफ उसने 8 विकेट पर 272 रन का चुनौती पूर्ण स्कोर बनाया था लेकिन उसके गेंदबाज इसका बचाव करने में नाकाम रहे थे। अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़ी चिंता उसके सलामी बल्लेबाजों का प्रदर्शन है। अब तक खेले गए दो मैचों में दोनों सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज़ और इब्राहिम जादरान अच्छी शुरुआत देने में नाकाम रहे। अफगानिस्तान की गेंदबाजी भी अभी तक सामान्य नजर आई है।
टीमें :
इंग्लैंड : जोस बटलर (कप्तान और विकेटकीपर), जो रूट, जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), हैरी ब्रुक, लियाम लिविंगस्टोन, डेविड मलान, बेन स्टोक्स, मोइन अली, क्रिस वोक्स, सैम करेन, डेविड विली, आदिल राशिद, मार्क वुड, रीस टॉपले, गस एटकिंसन।
अफगानिस्तान : हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, रियाज हसन, रहमत शाह, नजीबुल्लाह जादरान, मोहम्मद नबी, इकराम अलीखिल, अजमतुल्ला उमरजई, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, अब्दुल रहमान, नवीन उल हक।
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