रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कृत्रिम मेधा (एआई) की 'चमत्कारी शक्ति' की तुलना ‘कामधेनु’ से करते हुए कहा कि एआई एवं इससे जुड़ी गहन प्रौद्योगिकियां उत्पादकता, दक्षता एवं मानवीय क्षमता को अकल्पनीय स्तर तक लेकर जा रही हैं।

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अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की 48वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, अनुवांशिकी विज्ञान (जीनोमिक्स) और एआई प्रौद्योगिकियों का संगम दुनिया को ‘अत्यधिक प्रचुरता’ और ‘अत्यधिक किफायत’ वाले नए युग की ओर ले जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रिलायंस इन तीनों प्रौद्योगिकी परिवर्तनों के मेल को दूर की संभावनाओं के रूप में नहीं, बल्कि भारत के लिए तत्काल उपलब्ध अवसरों के रूप में देखती है।
अंबानी ने कहा, "एआई और संबद्ध गहन प्रौद्योगिकियों में मिली कामयाबी ने उत्पादकता, दक्षता और मानव क्षमता को अकल्पनीय स्तर तक बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस चमत्कारी शक्ति के कारण एआई को अब हमारे युग की दिव्य इच्छा-पूर्ति करने वाली गाय नई कामधेनु कहा जा सकता है।"
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और अस्थिरता से जूझ रही है। ऐसे में सहयोग ही साझा समृद्धि का रास्ता है।
अंबानी ने कहा, “जब देश आपसी सहयोग करते हैं तो व्यापार सहज रूप से होता है, निवेश बढ़ता है और सभी को लाभ होता है। आज की पारस्परिक रूप से निर्भर दुनिया में एक देश की समृद्धि दूसरे देशों की समृद्धि से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है।”
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन ने कहा कि मानवता 21वीं सदी में एक ऐसे स्वर्णिम युग के मुहाने पर खड़ी है जिसे अभाव नहीं, बल्कि अपार संभावनाओं और सुलभ संसाधनों से परिभाषित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, "ऐसा तीन सशक्त प्रौद्योगिकी कायाकल्पों के सम्मिलन के कारण संभव हो पाया है। स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल से जलवायु संकट से निपटने की उम्मीदें बढ़ी हैं। वहीं जीनोमिक्स में मिली कामयाबी से रोगों के उपचार, लंबी उम्र जीने और बेहतर स्वास्थ्य के नए अवसर मिल रहे हैं।"
अंबानी ने बताया कि दूरसंचार इकाई जियो अब एआई को वृद्धि का नया इंजन बनाने के साथ ही खुदरा से लेकर दूरसंचार तक सभी कारोबारों में उसका इस्तेमाल करने जा रही है।
अंबानी ने कृत्रिम मेधा को बढ़ावा देने के लिए नई अनुषंगी इकाई ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ की स्थापना की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य एआई को 'हर व्यक्ति और हर जगह' तक पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने एआई परिवेश को मजबूत करने के लिए वैश्विक कंपनियों गूगल और मेटा के साथ नई साझेदारियां की हैं।
अंबानी ने कहा कि रिलायंस का उद्देश्य एआई को तकनीकी क्षमता तक सीमित न रखकर, इसे आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का साधन बनाना है।
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