अपर्याप्त आधार पर किसी की हिरासत नहीं

Last Updated 19 Apr 2009 07:23:01 PM IST


नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को कथित हिरासत के लिए आधार मुहैया कराये बिना एहतियात के तौर पर हिरासत में रखना असंवैधानिक होगा। न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी और न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली की एक पीठ ने कहा कि अधिकारियों को कथित हिरासत के लिए हिरासत में लिये व्यक्ति को आधार मुहैया कराना होगा अन्यथा यह संविधान के अनुच्छेद 22 (5),(6) में दिये गये सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होगा। यह प्रावधान कहता है कि यदि किसी भी व्यक्ति को एहतियातन हिरासत में रखा गया है तो अधिकारियों द्वारा हिरासत का आदेश जारी करने के लिए सभी दस्तावेजों बयानों और अन्य सामग्री की प्रतियां मुहैया करानी चाहिए। पीठ ने कहा उसे सभी दस्तावेजों बयानों और हिरासत के आधार के लिए अन्य सामग्री की प्रतियां बिना किसी विलंब के प्राप्त करने का अधिकार है। शीर्ष न्यायालय ने कर्नाटक सरकार द्वारा विदेशी विनमय संरक्षण और तस्करी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत हिरासत में लिये गये बी. मोहम्मद हरीस की रिहाई का आदेश जारी करते समय यह व्यवस्था दी। उसे कथित तौर पर तस्करी में शामिल होने के मामले में हिरासत में लिया गया था। अधिकारियों द्वारा उसे आवश्यक सामग्री और दस्तावेज मुहैया कराये बिना हिरासत का आदेश जारी किया गया था।



Post You May Like..!!

Latest News

Entertainment