बढते शहरीकरण बेहतरीन हल है मेट्रो :प्रधानमंत्री

Last Updated 21 Sep 2013 10:06:36 PM IST

प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में तेजी से बढते शहरीकरण की वजह से पैदा हो रही प्रमुख चुनौतियों में से एक शहरी यातायात की है जिसका अच्छा हल मेट्रो यातायात है.


प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह (फाइल फोटो)

डा सिंह जयपुर मेट्रो फेज प्रथम बी के चांदपोल- छोटी चौपड- बडी चौपड के करीब ढाई किलोमीटर भूमिगत मेट्रो ट्रैक के शिलान्यास समारोह को सम्बोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि किसी भी देश में शहर उसके आर्थिक विकास के इंजन होते हैं, हमारे सकल घरेलू उत्पाद में भी शहरों का योगदान साठ फीसद से ज्यादा है.

प्रधानमंत्री ने यहां जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन फेज एक के तहत राजस्थान में ग्रिड से जुड़ी सौर ऊर्जा परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया.

सिंह ने कहा कि ऐसा अनुमान है कि वर्ष 2031 तक करीब साठ करोड लोग शहरी क्षेत्रों में रहने लगेंगे. देश में तेजी से होते शहरीकरण की वजह से हमारे सामने बहुत सी चुनौतियां पैदा हो रही हैं. इनमें से एक चुनौती शहरी यातायात की है जो शहरों के सही विकास के लिए जरूरी है. इस चुनौती का एक अच्छा हल मेट्रो यातायात है, जयपुर मेट्रो परियोजना जयपुर की एक बडी जरूरत को पूरा करेगा.

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह बताया गया है कि देशभर में सबसे अधिक दोपहिया वाहन जयपुर में है जो यहां एक अच्छी नगरीय परिवहन सेवा व्यवस्था की कमी को जाहिर करती है. जयपुर मेट्रो इस खूबसूरत शहर की नगरीय परिवहन सेवा व्यवस्था को मजबूत करेगा, जिससे यहां के निवासियों को और यहां काफी संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुविधा होगी.’’

डा सिंह ने कहा कि जिस तरह एक कारगर नगरीय परिवहन सेवा व्यवस्था पेट्रेाल और डीजल के इस्तेमाल में कमी लाती है, उसी तरह सौर उर्जा हमारी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का एक जरिया बन सकता है. उन्होने कहा कि तेज आर्थिक विकास के लिए यह जरूरी है कि सस्ते दामों पर आसानी से उर्जा उपलब्ध हो.

उन्होंने कहा कि पिछले दशक में हमारी उर्जा की जरूरत काफी बढी है, फिर भी हम अपनी उर्जा की जरूरतों के एक बडे हिस्से को पूरा करने के लिए लगातार मंहगे होते आयात पर निर्भर रहे हैं. इसके अलावा कोयला, तेल तथा गैस के उपयोग से कार्बन उत्खर्सन से हमारे पर्यावरण पर खराब असर पडता है. इन सब बातों को देखते हुए नवीनीकरणीय उर्जा के इस्तेमाल को तेजी से बढावा दिये जाने की आवश्यकता है. 

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारी खुशकिस्मती है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतर समय सूरज की रोशनी उपलब्ध रहती है इसलिए सौर उर्जा हमारे लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है. उन्होने कहा कि जवाहरलाल नेहरू नेशनल सौलर मिशन उन आठ मिशनों में से एक है जिन्हे हम पर्यावरणीय बदलाव की चुनोैती से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना के तहत लागू कर रहे है.

उन्होंने कहा कि इस मिशन में वर्ष 2020 तक बीस हजार मेगावाट सौर उर्जा बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है. उन्होने कहा कि मुझे खुशी है कि सौलर मिशन पर ठीक दिशा में कार्यवाही की जा रही है और देश में ग्रिड से जुड़ी सौर उर्जा परियोजनाओं की कुल क्षमता 1970 मेगावाट हो गई है. इसमें से 640 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं मिशन की केन्द्रीय योजनाओं के तहत शुरू की गयी हैं और इनमें से आधे से अधिक राजस्थान में लगाए गए है.

डा सिंह ने कहा कि इसके अलावा अक्षय उर्जा से सम्बधित साजो सामान को देश में बनाने की क्षमता विकसित करना भी उर्जा के क्षेत्र में हमारी आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी है.

प्रधानमंत्री ने दिल्ली -जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की चर्चा करते हए कहा कि इस परियोजना को लागू करने की दिशा में हमने काम करना शुरू कर दिया है. परियोजना से सम्बध रखने वाली राजस्थान और हरियाणा सरकार की मंजूरी देने से परियोजना पूरी होने पर दिल्ली -जयपुर का सफर मात्र दो घंटे में तय हो सकेगा.

उन्होने कहा कि परियोजना के पूरी होने से इस मार्ग पर नए शहर और औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे जिनसे खुशहाली बढेगी. हम इस परियोजना को एक प्राथमिकता के रूप में आगे बढायेंगे.

इस मौके पर केन्द्रीय नवीन एवं अक्षय उर्जा मंत्री डा फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि संप्रग सरकार की नीतियों के कारण सौर उर्जा क्षेत्र में काफी अच्छा काम हुआ है और इस क्षेत्र में सबसे अधिक काम राजस्थान में हुआ है.

उन्होने कहा कि आने वाले समय में सौर और पवन उर्जा का उत्पादन बढाना होगा क्योंकि अस्सी प्रतिशत राशि पेट्रोल और गैस में ही चली जाती है. आने वाले समय में भारत पवन उर्जा से बिजली उत्पादन में वि में सिरमौर होगा.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि संप्रग सरकार के गठन के बाद से देश के राज्यों की आर्थिक स्थिति सुदृढ हुई है और देश विकास के पथ पर तेजी से बढ रहा है.     

उन्होने कहा कि राजग सरकार के कार्यकाल में राज्यों की आर्थिक स्थिति दयनीय थी, राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान भी नहीं कर पा रही थीं.

उन्होने कहा कि संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह के नेतृत्व में राजस्थान तेजी से विकास कर रहा है. उन्होने केन्द्र एंव राज्य की फलैगशिप योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लेगों का जीवन स्तर सुधरा है विशेष रूप से गरीब, अल्पसंख्यक, आदिवासी ,महिलाओं, युवा वर्ग का.

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर नवकरणीय उर्जा विकासक वेल्स्पन लिमिटेड के सह संस्थापक एंव प्रबंध निदेशक विनीत मित्तल को सौर उर्जा विकासकर्ता का तथा अन्य लोगों को विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए.

प्रधानमंत्री जनसमूह को सम्बोधित करने के बाद सांगानेर हवाई अड्डे से भारतीय वायुसेना के विमान से दिल्ली रवाना हो गए.

हवाई अडडे पर प्रधानमंत्री को राज्यपाल मार्गेट आल्वा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री नमोनारायण मीणा, केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री लालचन्द कटारिया, अन्य जनप्रतिनिधि वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भावभीनी विदाई दी.
 



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