![]() |
दिवस विशेष
मां बनने के लिए सुरक्षित जगह नहीं है भारत
आमिर जी, ’बात बनने‘ में अभी देर है[लेख] सत्यमेव जयते; पर क्या सचमुच सत्य की विजय होगी? अभिनेता आमिर खान ने भारत की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक नया प्रयोग किया है. ....
आसान नहीं ई-कचरे का निबटारा[लेख] एक मई से बहुप्रतीक्षित ई-कचरा प्रबंधन के नियम लागू कर दिए गए हैं, लेकिन केवल नियम लागू कर देने भर से शायद ही किसी समस्या का हल हुआ हो. ....
गेहूं है, बोरी नहीं है[लेख] गेहूं तो है, पर बोरी नहीं है. गेहूं पैदा करना किसान का काम था. किसान ने अपना काम कर दिया. ....
दासत्व का दुश्मन विमर्श[लेख] स्त्री पुरुष के बदलते संबंध, थोड़ा कन्फ्यूज करने वाला विषय है, संबंध बदल कैसे सकते हैं? संबंधों को तो अपने यहां पारंपरिकतौर पर ढोने की परंपरा है. ....
खंड-खंड होता अखंड बीएचयू[लेख] सवाल है कि क्या सचमुच केंद्र सरकार का यह फैसला बीएचयू के विखंडन की शुरुआत है? ....
पानी के निजीकरण के खतरे[लेख] अप्रैल में दिल्ली की जलापूर्ति तीन कंपनियों को सौंपे जाने का निर्णय लिया जा चुका है. ....
प्रोन्नति में आरक्षण का औचित्य![लेख] सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न सरकारी सेवाओं में आरक्षण के निर्धारित सिद्धान्त को तो संविधानोचित माना है. ....
ऐसे तो रहेगा ही डॉक्टरों का अभाव[लेख] बीते एक अप्रैल को देशभर में मेडिकल में प्रवेश परीक्षा का आयोजन हुआ था जिसमें डॉक्टर बनने की ख्वाहिश पाले लाखों छात्रों ने परीक्षा दी. ....
कोयल उर्फ सेल्सवूमेन[लेख] घर के सामने स्कूल है. स्कूल के सामने आम के पेड़ों पर कोयल कूक रही है. ....
जश्न नहीं आत्ममंथन का समय[लेख] हमारी संसद के साठ साल पूरे हो गए हैं. इतने वर्षों के सफर में एक तरफ तो देश में लोकतंत्र मजबूत हुआ है. ....
फ़ोटो गैलरी
|
||||||||