आस्ट्रेलिया जाने से फिलहाल बचें: परनीत कौर

Last Updated 29 Jan 2010 09:40:46 PM IST


नयी दिल्ली। विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर ने शुक्रवार को कहा है कि भारतीय छात्रों को फिलहाल आस्ट्रेलिया जाने से बचना चाहिए। कौर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब न्यू साउथ वेल्स में मारे गए एक भारतीय रंजोध सिंह का शव शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचा। हालांकि भारत में आस्ट्रेलियाई राजदूत ने जोर देकर कहा है कि रंजोध सिंह पर हुआ हमला नस्लीय नहीं था। परनीत कौर ने कहा, "हम जितना कर सकते हैं, उतना कर रहे हैं। आस्ट्रेलिया न जाने के लिए एक सलाह जारी की गई है।" कौर ने कहा कि भारत सरकार ने आस्ट्रेलिया पर इस बात को लेकर दबाव बनाया है कि वह हमलों के कारणों का पता लगाने का प्रयास करे। भारत सरकार जानना चाहती है कि आखिर ये हमले क्यों और कैसे हो रहे हैं। इन हमलों के पीछे के कारणों की जांच की जानी चाहिए। पिछले कुछ समय से भारतीय छात्रों और टैक्सी चालकों पर हो रहे हमलों को लेकर सरकार ने पिछले महीने भी भारतीय लोगों को आस्ट्रेलिया नहीं जाने की सलाह दी थी। विदेश मंत्रालय ने कुछ समय पहले कहा था कि आस्ट्रेलिया में रहने वाला भारतीय समुदाय इन हमलों के कारण व्यापक पैमाने पर प्रभावित हो रहा है। इसी बीच नई दिल्ली में आस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त पीटर वर्गीस ने कहा कि भारतीय नागरिकों पर हुए हमलों की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया में गत वर्ष भारतीय युवक रंजोध सिंह की हत्या के मामले में पुलिस अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वर्गीस ने कहा कि सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने 23 वर्षीय गुरप्रीत सिंह और उसकी पत्नी हरप्रीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। वर्गीस ने कहा कि आस्ट्रेलिया पुलिस हत्या मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि सिंह की हत्या के मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे सभी भारतीय हैं। उन्होंने नस्लीय हमले से इंकार किया। सिंह का शव गत वर्ष 29 दिसंबर को ग्रिफित के समीप विलब्रिग इलाके से बरामद किया गया था। सिंह का शव आंशिक रूप से जला हुआ था। उल्लेखनीय है कि आस्ट्रेलिया में गत वर्ष मई से लगातार भारतीय नागरिकों पर हमले हो रहे हैं। सिंह की हत्या के चार दिन बाद ही मेलबर्न में एक अन्य भारतीय छात्र नितिन गर्ग की हत्या कर दी गई थी। उधर, आस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत में विदेशी छात्रों की सहायता के लिए 24 घंटे की विशेष सहायता सेवा शुरू की गई है। दिल्ली स्थित आस्ट्रेलियाई उच्चायोग ने शुक्रवार को बयान जारी कर इस संबंध में जानकारी दी। विक्टोरिया सरकार द्वारा शुरू की गई योजना का नाम 'इंटरनेशनल स्टूडेंट केयर सर्विस' (आईएससीएस) है। विक्टोरिया के प्रधानमंत्री जॉन ब्रुम्बी ने आईएससीएस को शुरू करते हुए कहा कि विदेशी छात्रों को इस योजना से सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सप्ताह के सभी दिन 24 घंटे विदेशी छात्रों को इस योजना से सहायता मिलेगी। ब्रुम्बी ने कहा कि विक्टोरिया में बड़ी संख्या में विदेशी छात्र अध्ययन के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि गत वर्ष विक्टोरिया प्रांत में स्थित विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में 190,000 विदेशी छात्रों ने दाखिला लिया था।



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