ढाक की ताल से गुंजा मां दुर्गा का पंडाल

PICS: ढाक की ताल की गुंज से शुरू हुआ शक्ति उपासना का प्रतीक दुर्गापूजा

ढाक के शोर के बिना दुर्गा पूजा का जश्न अधूरा है. ढाक एक तरह का ढोल होता है जिसे मां के सम्मान में उनकी आरती के दौरान बजाया जाता है. इसकी ध्वनी ढोल-नगाड़े जैसी होती है. कहीं-कहीं आरती के समय ढाक की ताल के साथ स्त्रियां धूनी नृत्य करती हैं. रंगीन कपड़े और झालरों से सजे ढाक बजाने वाले ढाकी भी विशेष तौर पर बुलाए जाते हैं.

 
 
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