दूसरे दौर की दूरसंचार स्पेक्ट्रम नीलामी शुरू, सात कंपनियां नीलामी के लिए मैदान में उतरी

Last Updated 01 Oct 2016 02:14:58 PM IST

देश की सबसे बड़ी दूरसंचार स्पेक्ट्रम नीलामी प्रक्रिया शनिवार सुबह से शुरू हो गई.




दूरसंचार स्पेक्ट्रम नीलामी प्रक्रिया शुरू (फाइल फोटो)

दूरसंचार सेवाप्रदाताओं ने देश की दूसरी सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए बोलियां लगाना शुरू कर दी हैं. इस नीलामी में 5.63 लाख करोड़ रपये कीमत के स्पेक्ट्रम को बिक्री के लिए रखा गया है.
    
सूत्रों के अनुसार दूसरे दौर की नीलामी जारी है और सभी प्रतिभागियों ने पहले दौर की बोलियां लगा दी हैं. हालांकि दूरसंचार कंपनियों ने तरंगों के लिए रखी गयी आधार कीमत को ‘अनुचित’ बताया है.
    
इस नीलामी में कुल 2,354.55 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम को सात बैंडों में नीलामी के लिए रखा गया है. यह सात बैंड 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज और 2500 मेगाहर्ट्ज हैं. इन रेडियो तरंगों का प्रयोग 2जी, 3जी और 4जी मोबाइल सेवाओं के लिए किया जा सकता है.
    
इस नीलामी में भाग लेने वाली प्रमुख कंपनियों में रिलायंस जियो, आइडिया सेल्युलर और भारती एयरटेल हैं जिनके लिए अगली पीढ़ी की दूरसंचार सेवाएं देने के लिए यह नीलामी महत्वपूर्ण है.
    
सरकार ने इस नीलामी के लिए कोई अंतिम सीमा तय नहीं की है लेकिन यह नीलामी प्रतिदिन सुबह नौ से सात बजे के बीच चलेगी. केवल नीलामी के पहले दिन यह सुबह 10 बजे शुरू होगी.
    
टाटा टेलीसर्विसेज, रिलायंस कम्युनिकेशंस और एयरसेल भी इस नीलामी में हिस्सा ले रहे हैं. दूरसंचार विभाग प्रतिदिन शाम को रोजाना की नीलामी के परिणामों की घोषणा करेगा.

जियो, एयरटेल और रिलायंस कम्युनिकेशंस के पास पूरे भारत 4जी सेवा देने का स्पेक्ट्रम है. वहीं वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर के पास अपनी 4जी सेवा बढ़ाने के लिए इस नीलामी में स्पेक्ट्रम खरीदने का अवसर है.
    
आइडिया के पास देश के 22 सर्किलों में से 10 में और वोडाफोन के पास नौ दूरसंचार सर्किलों में 4जी सेवाएं देने का लाइसेंस है.

सरकार ने पूरे भारत के लिए 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए सुरक्षित कीमत 2,873 करोड़ रपये, 900 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए 3,341 करोड़ रपये, 800 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए 5,819 करोड़ रपये, 2,100 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए 3,746 करोड़ रपये, 700 मेगाहर्ट्ज के लिए 11,485 करोड़ रपये और 2,300 एवं 2,500 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए प्रत्येक के लिए 817 करोड़ रपये रखी है.
   
प्रीमियम रेंज की 700 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए सरकार ने प्रत्येक मेगाहर्ट्ज की आधार कीमत 11,485 करोड़ रपये रखी है. इस बैंड के तहत मोबाइल सेवाएं मुहैया कराना 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड में सेवाएं मुहैया कराने के मुकाबले करीब 70 प्रतिशत कम पड़ने का अनुमान है.
   
इस बैंड को खरीदने की इच्छा रखने वाली कंपनियों के पास पूरे भारत में पांच मेगाहर्ट्ज के एक ब्लॉक के लिए कम से कम 57,425 करोड़ रपये की राशि होना चाहिए. इस अकेले बैंड की नीलामी से चार लाख करोड़ रपये मिलने का अनुमान है.
   
इस नीलामी में जियो एकमात्र कंपनी है जो पूरे भारत के लिए 700 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए बोली लगाने के योग्य है.

भाषा


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