'बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं, इस पल का इंतजार था'

PICS: इतिहास रचकर बोलीं पीवी सिंधु -बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं, इस पल का इंतजार था

सिंधु ने इस जीत का श्रेय अपने कोचों को दिया और इसे अपनी मां पी. विजया को समर्पित किया। उन्होंने कहा, ‘मेरे कोचों गोपी सर (पुलेला गोपीचंद) और किम (जी ह्यून) को काफी श्रेय जाता। मेरे माता पिता, सहयोगी स्टाफ ओर प्रायोजकों को भी श्रेय जाता है जिन्होंने मुझ पर विश्वास दिखाया।’

 
 
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