तो मंदिर के फूल-मालाओं से बनेगी बिजली!

वाह, अब मंदिरों में चढ़े फूल-मालाओं से बनेगी बिजली!

इस बिजली से 200 से 800 घरों को फायदा पहुंचेगा. बायोगैस बेस्ड एनर्जी प्लांट पर 15 केवीए से लेकर 45 केवीए तक के जेनरेटर ऑपरेट कर सकते हैं. 15 केवीए का एक जेनरेटर रोजाना 10 घंटे 200 घरों में आसानी से बिजली की सप्लाई कर सकता है. यानी एक प्लांट से पूरा गांव रोशन हो जाएगा.

 
 
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