Samay Live
23 Feb 2012 03:01:51 AM IST
Last Updated : 23 Feb 2012 03:01:51 AM IST

कनाडा को हरा भारत ओलंपिक क्वालिफाइंग हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में

अजय नैथानी
सहारा न्यूज ब्यूरो
ओलंपिक क्वालिफाइंग हॉकी टूर्नामेंट
नई दिल्ली : ओलंपिक हॉकी क्वालिफायर मुकाबले में कनाडा के खिलाफ गोल दागने पर संदीप सिंह (बीच में हाथ उठाए हुए) के साथ खुशी मनाते भारतीय खिलाड़ी.

भारत की पुरुष टीम अपने मिशन ओलंपिक को पटरी पर कायम रखते हुए ओलंपिक क्वालिफाइंग हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गई है.

पिछले तीन मैचों में सिंगापुर, इटली और फ्रांस पर आसान जीत दर्ज करते आ रहे भारत को मजबूत प्रतिद्वंद्वी कनाडा से मुकाबला 3-2 से जीतने के लिए थोड़ा संघर्ष करना पड़ा. मजबूत विपक्षी के संघर्ष पर पार पाते हुए भारत संदीप के दो और शिवेंद्र सिंह के एक गोल के दम पर बुधवार को टूर्नामेंट में लगातार चौथी जीत दर्ज करने में सफल रहा.

शिवेंद्र ने 26वें और पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ संदीप ने 40वें व 61वें मिनट में दो गोल करके भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई. कनाडा की तरफ से मार्क पियरसन ने 50वें और स्कॉट टपर ने 52वें मिनट में गोल किए. भारत अब चार मैचों में चार जीतों से 12 अंक लेकर अंक तालिका के शीर्ष पर बना हुआ है. उसे अब शुक्रवार को अपने अंतिम लीग मैच में एक अन्य मजबूत टीम पोलैंड का सामना करना है.

वहीं अपनी दूसरी हार के कारण ओलंपिक में खेलने की होड़ से बाहर हो चुके कनाडा का सामना फ्रांस से होगा. इससे पहले फ्रांस ने इटली को 3-0 से हरा दिया. वहीं सिंगापुर का गोल खाने का सिलसिला जारी रहा और उसे पोलैंड के खिलाफ 11-3 से हार का सामना करना पड़ा. पोलैंड की जीत में ओसजिक जिमोन ने हैट्रिक जमाई. पोलैंड और फ्रांस के आज जीत से चार मैचों में नौ-नौ अंक हो गए हैं.

मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में अपने दर्शकों के जबरदस्त समर्थन के बीच भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की और उनसे जल्दी ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया, लेकिन कनाडा के गोलकीपर एंटोनी किड्लर ने गोल नहीं होने दिया. कनाडा ने आठवें मिनट में भारतीय गोल पर तेज हमला बोला लेकिन जगदीश गिल गोल पर निशाना नहीं लगा सके.

इस बीच एसके उथप्पा कनाडा के गोल के सामने गेंद को ट्रैप नहीं कर पाए और एक मौका हाथ से निकल गया. संदीप 18वें मिनट में दूसरे पेनल्टी कॉर्नर पर भी गोल नहीं कर पाए. इसके बाद कनाडाई स्ट्राइकरों ने भारतीय गोल पर हमला बोला लेकिन फिनिशिंग तक नहीं ले जा सके.

भारत खाता शिवेंद्र ने 26वें मिनट में गोल करके खोला, जिसमें उनसे ज्यादा भूमिका तुषार खांडेकर की रही. हुआ यूं कि एक हमले में उथप्पा के क्रॉस को शिवेंद्र जब तक डी के अंदर काबू करते, उस दौरान गेंद कनाडा के डिफेंडर के पैर पर लग गई और वह अंपायर की ओर देखते हुए पेनल्टी कॉर्नर की मांग करने लगे. लेकिन इस बीच तुषार ने मौके फायदा उठाते हुए कनाडा के डिफेंडरों के बीच में चपलता से स्टिक डालकर गेंद अपने कब्जे में ले ली और शिवेंद्र की ओर बढ़ा दी. इस पर शिवेंद्र ने गोल करने में कोई गलती नहीं की. मध्यांतर तक भारत 1-0 से आगे था.

दूसरे हाफ के पहले ही मिनट में एसबी सुनील का शॉट कनाडाई गोलकीपर एंटोनी किड्लर ने बचाया. तीन मिनट बाद ही किड्लर ने इस अंदाज में सरवनजीत सिंह के प्रयास को भी सफल नहीं होने दिया. 40वें मिनट में भारत को तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे संदीप सिंह ने ताकतवर ड्रैग फ्लिक से गोल में तब्दील कर दिया. लेकिन इसके बाद दो मिनट के अंतराल में दो गोल करके कनाडा ने भारतीय खेमें को चिंता में डाल दिया.

पहले 50वें मिनट में पियरसन ने भारतीय रक्षकों की ढिलाई का फायदा उठाकर आसान गोल दागा और फिर ड्रैग फ्लिकर स्कॉट ने 52वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को तब्दील किया. भारत को 61वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर संदीप ने एक और ताकवर ड्रैग फ्लिक से निर्णायक गोल कर दिया.


 

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