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मंगलवार, 22 मई, 2012 |
समय नेशनल यूपी/उत्तराखंड एमपी/छत्तीसगढ़ बिहार/झारखंड समय मुंबई एनसीआर/हरियाणा/राजस्थान आलमी सहारा
07 Feb 2012 04:56:08 PM IST
Last Updated : 07 Feb 2012 04:56:08 PM IST

अक्ल के लिए घातक है धूम्रपान,

 धूम्रपान (फाइल फोटो)
धूम्रपान फेफडा और दिल की बीमारी के लिए भी धातक

 

अगर आप चाहते हैं कि आपकी बुद्धि बरकरार रहे तो धूम्रपान करना बंद कर दें. धूम्रपान इंसान की बुद्धिमंद हो जाती है.

धूम्रपान छोड़ने के लिए एक कारण और है. वह यह कि इसका सेवन बुद्धि हर लेता है. जर्नल आर्काइब्स आफ जनरल फिजिक्स के आनलाइन संस्करण में प्रकाशित एक नया अध्ययन बताता है कि अक्ल के लिए धूम्रपान घातक है. खासकर इसका सेवन करने वाले पुरूषों के लिए.
अध्ययन की खास बात यह है कि धूम्रपान करने वाली महिलाओं में बुद्धि का इस तरह क्षरण नहीं होता.
  
प्रमुख लेख्क यूनिवर्सिटी कालेज लंदन के सेवराइन साबिया के अनुसार कि हम इस बात से वाकिफ थे कि धूम्रपान फेफडे की बीमारी कैंसर तथा दिल की बीमारी के लिए जोखिम है लेकिन यह अध्ययन दर्शाता है कि इसका असर दिमाग पर भी पडता है और इसका असर अक्सर 45 साल की उम्र में सामने आने लगता है.
  
मीडिया ने साबिया के हवाले से बताया कि लगातार धूम्रपान करने वाले ही नहीं बल्कि कभी कभार इसका सेवन करने वालों पर भी प्रभाव बराबर पडता है. यह इस बात की महत्ता दर्शाता है कि धूम्रपान से तौबा कर लेनी चाहिये.

अपने अध्ययन के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने करीब 6000 पुरुषों और 2100 महिलाओं के 25 साल की अवधि में धूम्रपान की आदत का विश्लेषण किया. इसमें धूम्रपान की मौजूदा स्थिति तथा अतीत की लत का विश्लेषण कर उनकी याददाश्त शब्द ज्ञान तथा तार्किक ज्ञान को परखा गया.
  
अध्ययन में पाया गया कि धूम्रपान करने वालों में तेजी से बौद्धिक हास अधेड उम्र में होता है. 

 


 

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