भाजपा के सत्ता में आने पर स्वयं के मुख्यमंत्री बनने के बारे में पूछे जाने पर उमा ने कहा कि वह इस परिचर्चा में नहीं पड़ना चाहती.
विस चुनाव अभियान को लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं की बेरुखी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए उमा ने कहा कि पार्टी में कई सक्षम नेता हैं, कोई गुटबाजी नहीं है और यही पार्टी की मजबूती है.
पार्टी के सभी नेता एक इकाई के रूप में काम कर रहे हैं.यूपी में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जो पार्टी के विधायक तय करेंगे, वही नेता होगा.मैं इस परिचर्चा में नहीं पड़ना चाहती.
उमा ने चरखारी में कहा कि मेरा मानना है कि अगर किसी पार्टी में एक ही व्यक्ति मुख्यमंत्री या एक ही व्यक्ति प्रधानमंत्री पद के लायक हो, तो यह उस पार्टी की कमजोरी का परिचायक है.भाजपा में कई सक्षम नेता हैं.यही पार्टी की मजबूती है.इसे उल्टा पेश किया जाता है.
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण का चुनाव आठ फरवरी को उमा ने साफ की तस्वीर है.सभी प्रमुख नेता चुनाव प्रचार कर रहे हैं.गडकरी पहले से ही प्रचार में जुटे हैं.सुषमा स्वराज भी प्रचार कर रही है.
अरुण जेटली ने तो यहां डेरा ही डाल लिया है.आडवाणी भी प्रचार करने आ रहे हैं.उमा से वरिष्ठ नेताओं के चुनाव प्रचार के लिए यूपी नहीं आने और गुटबाजी की खबरों के बारे में पूछा गया था.उन्होंने कहा कि 1991 के बाद (राम मंदिर आंदोलन) मैं पहली बार यूपी में भाजपा के लिए लोगों में इतना उत्साह देख रही हूं.
यहां काफी सकारात्मक माहौल है.अल्पसंख्यकों को ओबीसी कोटे में 4.5 प्रतिशत आरक्षण देने के केंद्र के फैसले का यूपी चुनाव में पड़ने वाले प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा कि ओबीसी कोटे में अल्पसंख्यकों को आरक्षण केवल चुनावी शिगूफा है.
मायावती और मुलायम इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की बात कर रहे हैं जो संविधान के तहत संभव नहीं है.उमा ने कहा कि मुस्लिम मतदाता सभी बातों को समझता है.वह इनके झांसे में नहीं आएगा.यूपी में इसका सबसे अधिक लाभ भाजपा को हो रहा है.
कांग्रेस की चाल लोग समझ गए हैं.भाजपा के भ्रष्टाचार का विरोध करने और बसपा से निष्काषित पूर्व मंत्री कुशवाहा को पार्टी में लेने संबंधी प्रकरण के बारे में पूछे जाने पर उमा ने कहा कि कुशवाहा ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है.उन्होंने पार्टी से अपनी सदस्यता स्थगित करने का अनुरोध किया है.
वह अपने आप को निदरेष साबित करने का मौका चाहते हैं.इस विषय में कुशवाहा ने पहल भी की है.राज्य में स्वच्छ, प्रभावी शासन और विकास सबसे महत्वपूर्ण है.
यूपी में त्रिशंकु विस आने की स्थिति में बसपा, सपा या किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘न हम किसी का साथ देंगे और न हम किसी का साथ लेंगे.इसकी घोषणा पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी कर चुके हैं.यही पूरी पार्टी की नीति है.’