यूपी में चुनाव की शुरुआत में भाजपा ने खुद के लिए 120-125 सीटों का आकलन किया था.अब ऐसा लगता है कि सपा-कांग्रेस व बसपा की तुष्टिकरण की नीति और रणनीति के चलते जो नया ध्रुवीकरण होगा उससे भाजपा को जबरदस्त फायदा होगा.
अब तो भाजपा सरकार बनाने की स्थिति में नजर आ रही है.यह कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी का.
मंगलवार को वह गोरखपुर में विभिन्न समाचार पत्रों के संपादकों के साथ बातचीत कर रहे थे.यूपी में पार्टी के नए दावे की बाबत उन्होंने कहा कि हालांकि भाजपा जाति-पाति की राजनीति पर भरोसा नहीं करती लेकिन सपा और कांग्रेस द्वारा अल्पसंख्यक आरक्षण के नाम पर तुष्टिकरण की जो कोशिशें शुरू हुई हैं उससे अति पिछड़ी जातियों के ध्रुवीकरण का फायदा भाजपा को होगा.
यह पूछे जाने पर कि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में भाजपा दोबारा चुनाव में जाएगी या किसी से समझौता कर जनता को परेशान होने से बचाएगी ? श्री गडकरी ने कहा कि जिस तरह से माहौल बदल रहा है उससे वह आस्त हैं कि ऐसी कोई नौबत नहीं आएगी.
भाजपा में गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ की नाराजगी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है.अभी योगी आदित्यनाथ से बात हुई है और वह पार्टी के प्रचार में पूरी तरह जुटे हुए हैं.
टिकट वितरण के सवाल पर उन्होंने कहा कि 275-285 टिकट पार्टी ने अपने सव्रे के हिसाब से दिए जबकि 50- 60 टिकट ऐसे लेगों को दिए गए जो दूसरे दलों से आए और उनकी जीत की प्रत्याशा अधिक रही.
करीब 50-60 टिकट पार्टी के बड़े नेताओं की अनुशंसा पर दिए गए.कुशवाहा प्रकरण पर उन्होंने कहा कि कुशवाहा के आने से भाजपा को कुछ फायदा तो हुआ ही है.
कांग्रेस से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद कांग्रेस का हाल यहां भी बिहार जैसा हो सकता है.
भाजपा में आपसी खींचतान के मसले पर श्री गडकरी ने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है, बाकी दलों की तरह कोई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं.
जहां लोकतंत्र होता है वहां थोड़ी-बहुत समस्याएं तो रहती ही हैं.
यूपी को लेकर अपने नजरिए की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां जब तक जातिवाद की राजनीति चलेगी, तब तक विकास नहीं होगा बल्कि भुखमरी, गरीबी और बेरोजगारी ही बढ़ती रहेगी.
यूपी में फिलहाल जाति की राजनीति हावी है, इसे बदलना होगा जातिवाद और विकास की राजनीति साथ नहीं चल सकती.
उन्होंने यह कहते हुए संतोष भी जाहिर किया कि आज का यूथ जाति-पाति के चक्कर से हट रहा है.