आरुषि के माता-पिता राजेश तलवार और नूपुर तलवार के आज शनिवार को कोर्ट में पेश होने की अटकलें थीं.
हालांकि कल सुप्रीम कोर्ट से तलवार दंपती को राहत मिल गई है.
खास बात ये है कि आज ही राजेश तलवार की अंतरिम जमानत खत्म हो रही है.
कोर्ट ने आरुषि हत्याकांड की सुनवाई गाजियाबाद की अदालत से दिल्ली ट्रांसफर करने की उनकी मांग पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
वैसे तो सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अदालत की सुनवाई पर कोई रोक नहीं लगाई है, लेकिन यह कह दिया है कि नूपुर और राजेश तलवार विशेष अदालत में सुनवाई स्थगित करने की अर्जी दे सकते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने छह जनवरी को मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया था. साथ ही तलवार दंपती को आदेश दिया कि केस की सुनवाई निचली अदालत में होगी.
गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो को आरुषि हत्याकांड में आरुषि के माता-पिता नूपुर एवं राजेश तलवार की याचिका पर जवाब देने को कहा है.
तलवार दम्पति ने अपनी याचिका में मामले को गाजियाबाद से दिल्ली के न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग की है.
तलवार दंपती की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि गाजियाबाद में सुनवाई होने से उनकी जान को खतरा है.
इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में तलवार दंपति की तबादला याचिका पर सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस भेजकर चार हफ्तों में जवाब मांगा है.
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर तलवार दंपति ने दलील दी थी कि मुख्यालय दिल्ली में होने से सीबीआई को भी जांच बेहतर ढंग से करने में मदद मिलेगी़.
मामले में 64 गवाहों में अधिकतर दिल्ली में ही रहते हैं, तलवार दंपति खुद भी नोएडा से दिल्ली शिफ्ट हो गए हैं और गाजियाबाद में कोर्ट परिसर में उनपर जानलेवा हमला भी हो चुका है.
गौरतलब है 15-16 मई 2008 की रात को नोएडा के सेक्टर-27 के जलवायु विहार मे आरुषि का क़त्ल हुआ. बंद घर में आरुषि की लाश उसी के कमरे में मिली. नौकर हेमराज मौके से गायब था.
तलवार दंपत्ति ने उसी को कातिल ठहराते हुए केस दर्ज कराया लेकिन एक दिन बाद नौकर हेमराज की लाश तलवार दंपति के घर एल-32 की छत पर मिलने से मामले ने नाटकीय मोड़ ले लिया.
दोनों कत्ल में सर्जिकल ब्लेड का इस्तेमाल हुआ था. नोएडा पुलिस की जांच ने डॉ राजेश तलवार को घेर लिया.
ऑनर किलिंग का शक था, उनकी गिरफ्तारी भी हुई लेकिन हत्या की गुत्थी सुलझता ना देख मामला सीबीआई को सौंपा गया और उसने राजेश और नुपूर तलवार को क्लीन चिट दे दी.