पुलिस आयुक्त बीएल सोनी ने बताया कि विदेश भेजने के नाम पर वीजा बनाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले इस गिरोह से भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा, भारतीय मुद्रा एवं जाली दस्तावेज बरामद किये गये है.
उन्होंने बताया कि अब तक हुई पूछताछ के दौरान इस गिरोह द्वारा करीब 22 लाख रूपये की ठगी का मामला सामने आया है.
पुलिस उपायुक्त महेन्द्रसिंह के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों से तलाशी में दस हजार अमेरिकन डालर, 17 हजार 500 की भारतीय मुद्रा व भारी मात्रा में बैंकों की पास बुकें, कई लोगों के पासपोर्ट की फोटो कापी, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और कनाडा भेजे जाने के वीजा फार्म व अन्य दस्तावेज बरामद हुए है.
उन्होंने बताया कि गिरोह का सरगना अमनदीप (24) जालंधर और रणजीत (35) होशियारपुर का रहने वाला है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त अमनदीप, रणजीत, कमल पाल अिनी और गौरव भंडारी पंजाब के लोगों को कनाडा भेजने का विजा दिलाने का झांसा देकर उन लोगों के खातों का विवरण ले लेते और फिर इन्टरनेट बैंकिंग के जरिये अन्य व्यक्तियों के खातों में रूपया स्थानांतरित कर देते. बाद में उन्हें प्रति एक लाख रूपये पर पांच हजार देकर उनके खातों के जरिये चैक से रूपए निकलवाकर फरार हो जाते है.
सिंह ने बताया कि कमलपाल अिनी और गौरव भंडारी को पुलिस दल ने जयपुर दिल्ली राष्ट्रीय राज मार्ग पर शाहजहापुर से गिरफ्तार करके उनसे पांच लाख रूपये नकद व भारी मात्रा में बैंकों की पास बुकें, पासपोर्ट की फोटोकापियां फर्जी लाइसेंस व कनाडा भेजने के वीजा फार्म बरामद किए.
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त अब तक बैंक से करीब 22 लाख रूपये इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से ट्रांसफर कर चुके है. अभियुक्त कमलपाल, गौरव भंडारी, अिनी, अमनदीप के विरूद्ध धोखाधड़ी, कबूतरबाजी के पंजाब, हरियाणा व दिल्ली में कई मामले दर्ज है.