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मंगलवार, 22 मई, 2012 |
समय नेशनल यूपी/उत्तराखंड एमपी/छत्तीसगढ़ बिहार/झारखंड समय मुंबई एनसीआर/हरियाणा/राजस्थान आलमी सहारा
04 Feb 2012 03:25:52 PM IST
Last Updated : 04 Feb 2012 03:46:53 PM IST

नीतीश ने कहा बदलेगी बिहार के खेतों की तस्वीर

बढ़ेगा कृषि उत्पादन (फाइल फोटो)
कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए रोडमैप तैयार

 

बिहार विकास की राह पर अग्रसर है. विकास की यह कहानी अब राज्य के कृषि पर भी दिखाई देगी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि 2012 से 2022 तक लागू होने वाला नया कृषि रोडमैप राज्य की तरक्की और प्रगति की नयी कहानी लिखेगा.
 
नीतीश शनिवार 4 फरवरी को राज्यभर के किसानों के साथ किसान समागम में बोल रहे थे. इस मौके पर कृषि कैबिनेट की ओर से तैयार कृषि रोडमैप पर विचार किया गया. नीतीश ने कहा, ‘‘प्रारुप पर विचार विमर्श के साथ निचोड़ के रूप में जो कृषि रोडमैप निकलेगा वह बिहार की तरक्की, प्रगति और न्याय के साथ विकास की नयी कहानी लिखेगा’’.

उन्होंने कहा कि राज्य में पहला कृषि रोडमैप 2008 से 2012 तक लागू रहा जिसमें मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना, बीज ग्राम योजना, नयी तकनीक के प्रचार प्रसार, जैविक खेती और कृषि यांत्रिकरण योजना के लागू होने से खेती में बड़े बदलाव आए. नया रोडमैप पहले पांच वर्ष के लिए 2012 से 2017 तक लागू होगा लेकिन सरकार 10 वर्ष के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार कर रही है.
 
कृषि उत्पादन बढ़ा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया कृषि रोडमैप राज्य के कृषि के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा पहले रोडमैप के कारण राज्य के कृषि उत्पादन में बहुत बढ़ोतरी हुई है.

नीतीश कुमार ने कहा कि नया कृषि रोडमैप हर हिंदुस्तानी की थाली में एक बिहारी व्यंजन की उपस्थिति कराने का सपना पूरा करेगा.

उन्होंने कहा कि श्रीविधि तकनीक के कारण धान के उत्पादन में रिकार्ड बढ़ोतरी हुई जिसकी जानकारी लेने के लिए बाहर से भी शिष्टमंडल आ रहे हैं. सरकार ने इस उत्साह को बढाने के लिए अपने स्तर पर धान की व्यापक खरीद करने का निर्णय किया है जो एक नयी पहल है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि नये रोड़मैप के लिए कृषि कैबिनेट का गठन किया गया है यह देश में अपने आप में नयी पहल है कृषि विकास के लिए 18 विभागों की 14 उपसमितियां गठित की गयी और वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों के सिद्धांत को अपनाकर नीति का रूप दिया गया है

उन्होंने कहा कि भूमि सुधार के बिना खेती के विकास का सपना पूरा नहीं हो सकता. राज्य सरकार ने भूमि सर्वे और सेटलमेंट कानून बनाया है जिसके तहत आगामी तीन साल में सभी भूमि रिकॉर्ड को अद्यतन किया जाएगा.


 

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