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न्यूयार्क। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल करने की वकालत करने को लेकर शिव सेना के गुस्से का शिकार बने बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने कहा है कि वह इस तमाम घटना से बेहद 'आहत' हैं। शाहरुख के मुताबिक सेना का यह कदम अस्वस्थ, अलोकतांत्रिक और असंवेदनशील है।
शाहरुख ने कहा कि यह विवाद बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरे हिसाब से यह अस्वस्थ, अलोकतांत्रिक और असंवेदनशील है लेकिन मेरी समझ से हमें इसकी आदत डालनी होगी। मुझे अपने देश से बेहद प्यार है लेकिन ऐसे विवादों से बेहद निराशा होती है। शाहरुख यहां अपनी सहअभिनेत्री काजोल के साथ विश्व के सबसे बड़े शेयर बाजार-नास्डैक का 'ओपनिंग बेल' बजाने पहुंचे थे। शाहरुख और काजोल यह घंटा बजाने वाली पहली भारतीय फिल्मी हस्तियां बन गई हैं। यह काम आम तौर पर प्रमुख कारपोरेट कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को दिया जाता है।
शाहरुख और काजोल अपनी आगामी फिल्म 'माइ नेम इज खान' के प्रचार के लिए इन दिनों अमेरिका में हैं। यह फिल्म 12 फरवरी को प्रदर्शित हो रही है। शाहरुख और काजोल एक फरवरी को सुबह-सुबह नास्डैक पहुंचे और 9.30 बजे कारोबार शुरू करने के लिए घंटी बजाई। इस क्षण को दुनिया भर के टेलीविजन नेटवर्को पर सीधे प्रसारित किया गया।
मुंबई में अपनी आगामी फिल्म के प्रदर्शन पर शिव सेना द्वारा रोक लगाने की धमकी को लेकर शाहरुख ने कहा, विवाद मेरे विवाद को लेकर है। शिव सेना की नाराजगी मुझसे है। करण जौहर (निर्देशक), काजोल और फिल्म ने शिव सेना का क्या बिगाड़ा है। मैं अब भी अपने बयान पर कायम हूं। मैंने जो कुछ कहा है, उसका मुझे कोई अफसोस नहीं। मुझे अपने बयान पर नाज है और मैं इसी तरह की सोच रखता हूं।
उल्लेखनीय है कि शाहरुख ने कहा था कि आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भी जगह मिलनी चाहिए थी क्योंकि उनके अंदर भी प्रतिभा है और किसी भी खिलाड़ी की प्रतिभा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कोलकाता नाइट राइर्ड्स टीम के सहमालिक शाहरुख ने कहा था कि वह खुद पाकिस्तानी हरफनमौला खिलाड़ी अब्दुल रज्जाक के साथ करार के इच्छुक हैं।