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धार। मध्यप्रदेश के धार शहर में स्थित चर्चित भोजशाला में आज बसंत पंचमी पर हिन्दु धर्मालुओं ने देवी सरस्वती के चित्र की पूजा अर्चना की।
बसंत पंचमी पर शहर में देवी सरस्वती के चित्र के साथ शोभायात्रा निकाली गयी जो भोजशाला पहुंची और वहां महाआरती हुई। बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर देवी सरस्वती के चित्र की पूजा अर्चना की।
इस यात्रा में अयोध्या के स्वामी नृत्य गोपालदास महाराज की शिष्या साध्वी वैष्णवी प्रज्ञा भारती एक बग्गी में सवार थी। साथ ही भोज उत्सव समिति के अध्यझ अशोक जैन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के गोपाल शर्मा सहित कई हिन्दू नेता भी थे।
साध्वी वैष्णवी प्रज्ञा भारती ने बाद में धर्मसभा में कहा कि भोजशाला मंदिर है और इसे हिन्दुओं को सौंप दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक कब तक अपने पूजा स्थल पर आजादी के साथ पूजा अर्चना नही कर पायेंगे।
पुलिस अधीक्षक राकेश गुप्ता ने बताया कि भोजशाला परिसर और बाहर पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था गयी है। यहां पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और रेपिड एक्शन फोस (आरएएफ) की दो-दो कंपनियां तैनात की गई है। भोजशाला के प्रवेश द्वारा मेटल डिक्टेटर के माध्यम से लोगों की जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि भोजशाला मुक्ति आंदोलन काफी समय से चल रहा है। पुरातत्व विभाग ने वर्ष 2003 में भोजशाला में हिन्दू समुदाय के लिए प्रति मंगलवार पूजा अर्चना के लिए और प्रति शुक्रवार को दोपहर एक से तीन बजे तक मुस्लिम समुदाय के लोगों को नमाज अदा करने की अनुमति दी है। साथ ही प्रति वर्ष बसंत पंचमी के दिन पूजा अर्चना करने की छूट प्रदान की है। शेष दिनों में शुल्क देकर भोजशाला में दर्शन किए जा सकते हैं।