नयी दिल्ली। प्रधान न्यायाधीश के.जी.बालाकृष्णन ने रविवार को कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने पिछले वर्ष अपनी संपत्तियों की घोषणा करते समय अदालत की वेबसाइट पर अपने बैंक खातों के विवरण भी जारी कर दिए। इस तरह से उन्होंने खुद से हैकरों को आमंत्रण दे दिया।
यहां साइबर प्रवर्तन कार्यक्रम की लांचिंग को संबोधित करते हुए बालाकृष्णन ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने जब वेबसाइट पर अपनी संपत्ति की घोषणा की तो उनमें से तमाम ने बैंक खाता संख्या का भी उल्लेख कर दिया।"
यह गलती कुछ दिनों बाद तब समझ में आई, जब कुछ नागरिकों ने उन्हें पत्र लिखा कि इससे असामाजिक तत्व बैंक खाता संख्याओं का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।
बालाकृष्णन ने कहा, "कुछ दिनों बाद किसी द्वारा भेजा गया एक पत्र मुझे प्राप्त हुआ। उसमें सलाह दी गई थी कि मुझे वेबसाइट पर से न्यायाधीशों के बैंक खाता संख्याओं को तत्काल हटा लेना चाहिए, अन्यथा हैकर अपना काम कर बैठेंगे। उसके बाद न्यायाधीशों को यह बात समझ में आई कि एक छोटी-सी गलती किस तरह से हमें संकट में डाल सकती थी।"