अंकारा। पोप जॉन पॉल द्वितीय पर वर्ष 1981 में हमला कर उन्हें घायल करने वाले तुर्की के एक हमलावर को पूरे तीस साल बाद सोमवार को जेल से रिहा कर दिया गया। इस दौरान उसे इटली और तुर्की की जेलों में बंद रखा गया था।
सूत्रों ने खबर दी है कि हमलावर के वकीलों के अनुसार महमत अली अगका (52) ने कहा है कि जेल से अपनी रिहाई के बाद वह अपने द्वारा की गई हत्या की कोशिश के बारे में एक सच्ची कहानी बताएगा।
वकीलों द्वारा जारी एक पत्र में अगका ने कहा है, "मैं अगले सप्ताह हत्या की कोशिश के बारे में सभी प्रश्नों का जवाब दूंगा।"
13 मई, 1981 को सेंट पीटर्स स्क्वोयर पर हमले के बाद हुई गिरफ्तारी के तत्काल बाद अगका ने दावा किया था कि उसने इस कार्रवाई को अकेले अंजाम दिया है।