
|
वाशिंगटन। अमेरिकी रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स का भारत दौरा कल से शुरू होगा जिसमें उनके एजेंडे में क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा शीर्ष पर होगा।
गेट्स 19 जनवरी से 21 जनवरी तक के अपने दौरे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और रक्षामंत्री एके एंटनी से मिलेंगे।
अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता मेजर मौरीन शेमुआन ने आज कहा हमारा उद्देश्य उभरती वैश्विक ताकत भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों के महत्व को और सशक्त करना है। उन्होंने कहा हम वर्तमान संबंधों को मजबूत करने तथा व्यापार और सहयोग के नए क्षेत्र तलाशने के रास्तों पर चर्चा करेंगे।
दो साल के अंतराल में गेट्स की यह पहली भारत यात्रा होगी और नवम्बर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा के बाद यह ओबामा प्रशासन के किसी मंत्री की भी पहली यात्रा होगी। गेट्स ने मनमोहन के अमेरिका दौरे के समय उनके साथ एक विशेष बैठक की थी जिस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की।
अमेरिकी रक्षामंत्री पाकिस्तान और अफगानिस्तान की यात्रा के बाद भारत जाएंगे।
गेट्स पिछली बुश सरकार में भी रक्षामंत्री थे। उनका मानना है कि भारत एक बड़ी क्षेत्रीय और उभरती वैश्विक शक्ति है।
मई में सिंगापुर में इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज में अपने एक भाषण में उन्होंने कहा था कि आगामी साल में अमेरिका भारत को अपने एक अहम भागीदार और हिन्द महासागर तथा उससे आगे तक के क्षेत्र में सुरक्षा मुहैया कराने वाले एकमात्र देश के रूप में मानता है।
भारत को एक उभरता शक्ति केंद्र मानते हुए गेट्स ने कहा था जब बात भारत की होती है तो हमें उसके साथ संबंधों और सहयोग की एक आस दिखाई पड़ी है जिसके बारे में कुछ साल पहले तक सोचा भी नहीं जा सकता था।