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11 Jan 2010 09:55:07 PM IST
Last Updated : 30 Nov -0001 12:00:00 AM IST

लंदन पुलिस के लिए भारतीय की शहादत बन गई प्रे&


लंदन। अपराधों को काबू में करने के अपने साहसिक प्रयास में भारतीय मूल के सुखविंदर सिंह को भले ही मौत को गले लगाना पड़ा, पर उनकी शहादत लंदन पुलिस के लिए प्रेरणा बन गई। अपराधियों को धर दबोचने की जिम्मेदारी पूरी तरह पुलिस पर छोड़ने की लंदन पुलिस की पारंपरिक सलाह में अब बदलाव ला दिया गया है। सुखविंदर को श्रद्धांजलि देने के जोर पकड़ते सिलसिले से पुलिस इतनी प्रभावित है कि अब वह लोगों को अपनी जान की हिफाजत करते हुए अपराधियों का पीछा करने की सलाह दे रही है। अब तक लोगों के लिए पुलिस की यही सलाह रही है कि वे अपराधियों को काबू में करने का काम पुलिस पर छोड़ दें। 31 वर्षीय सुखविंदर सिंह की शहादत से प्रभावित मेट्रोपोलिटन पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, "अगर लोग कोई वारदात होते देखें तो उसमें हस्तक्षेप करने से परहेज नहीं करें। हां, लोग अपनी हिफाजत का ख्याल जरूर रखें।" उल्लेखनीय है कि सुखविंदर ने पूर्वी लंदन के बार्किं ग इलाके में भारतीय मूल की एक महिला को अपराधियों से बचाने में अपनी जान दे दी। अपराधियों से उनकी तब मुठभेड़ हुई, जब वे महिला का हैंडबैग छीनकर भाग रहे थे। इसमें सुखविंदर गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। एक प्रमुख संगठन विटनेस कॉन्फिडेंट ने जनता के लिए पुलिस की सलाह में आए बदलाव का स्वागत किया है। इसके प्रवक्ता गॉय डेन ने कहा, "पुलिस की सलाह नए संदेश से लैस है।" ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस के उप प्रमुख रह चुके जॉन स्टॉकर ने कहा कि पुलिस के इस परामर्श से अपराध को लगाम लगाने में जन भागीदारी बढ़ेगी। 10 साल पहले ब्रिटेन आने वाले सुखविंदर अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। सुखविंदर ने करमजीत कौर नामक जिस महिला के लिए अपनी जान दे दी, उसे वह जानते तक नहीं थे। उनके साहस की जमकर तारीफ हो रही है। वैसे, कुछ पुलिस अधिकारी मानते हैं कि लोगों को सुखविंदर की तरह अपराधियों से सीधे भिड़ने से परहेज करना चाहिए। डिटेक्टिव इंस्पेक्टर जॉन सैंडलिन कहते हैं, "सुखविंदर ने जो कुछ भी किया वह सराहनीय है, पर जनता को हम इस तरह जान जोखिम में डालने की सलाह नहीं देते।"


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