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हैदराबाद। हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना अगले पांच वर्षो में पूरी कर ली जाएगी और इसके निर्माण का काम आगामी मई तक नई कंपनी को सौंप दिया जाएगा। इस आशय की घोषणा राज्य सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में की।
हैदराबाद मेट्रो परियोजना में 12,132 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
शहरी विकास मंत्री अनाम रामनारायण रेड्डी ने प्रश्नकाल के दौरान सदन को बताया कि मेट्रो रेल परियोजना का काम उसी कंपनी को सौंपा जाएगा जो इसे पांच साल के भीतर पूरा करेगी।
उन्होंने कहा कि शुरु में इस परियोजना को सत्यम कम्प्यूटर सेवा की एक शाखा मेंटास इंफ्रा को सौंपा गया था, लेकिन गत वर्ष आईटी क्षेत्र की बड़ी कंपनी सत्यम के संस्थापक और अध्यक्ष बी.रामलिंगम राजू के एक बड़े फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद सरकार ने इस समझौते को खत्म कर दिया।
सरकार ने ताजा वैश्विक निविदाएं आमंत्रित की थी। पिछले महीने आठ कंपनियों ने इसके लिए बोली लगाई थी। कंपनियों को तकनीकी और वित्तीय बोली के लिए सूचीबद्ध करने का काम नौ अप्रैल से शुरू किया जाएगा।
राज्य के शहरी विकास मंत्री ने बताया कि अक्टूबर में तीन मार्गो पर काम शुरू हो जाएगा जिनकी लंबाई 71.16 किलोमीटर होगी।
केंद्र सरकार भी इस परियोजना में राज्य सरकार को इस परियोजना की कुल राशि का 40 फीसदी हिस्सा (अधिकतम 4,853 करोड़ रुपये) वहन कर रही है। केंद्र सरकार पहले ही व्यवहार्यता अंतर अनुदान (वीजीएफ) के तहत 2,363 करोड़ रुपये पास कर चुकी है।