इंदौर में होगी भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक, 'अंत्योदय' को मिलेगा अंतिम रूप
नयी दिल्ली। कांग्रेस के 'आम आदमी' की राजनीतिक काट के प्रयास में भाजपा ने 'अंत्योदय' को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई है और इस महीने के अगले पखवाड़े में इंदौर में होने वाली भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
भाजपा के मुताबिक, कतार में खडे़ आखिरी व्यक्ति तक सेवा करने की अवधारणा 'अंत्योदय' विचारक दीनदयाल उपाध्याय की परिकल्पना थी। इसका उद्देश्य समाज में सबसे अधिक हाशिये पर मौजूद वर्ग की ओर हाथ बढ़ाना है।
बावन वर्षीय गडकरी के पार्टी की कमान संभालने के बाद होने वाली इस पहली बैठक में मुख्य विपक्षी दल की इस बिंदु को रेखांकित करने की संभावना है कि कांग्रेस की 'आम आदमी' से जुड़ी चिंता खोखली है क्योंकि कीमतों में बढ़ोत्तरी आम आदमी को परेशान कर रही है।
राजनीतिक स्थिति के समाधान का प्रस्ताव भाजपा की रूपरेखा को रेखांकित करेगा, वहीं यह बैठक ऐसे समय होने वाली है जब पार्टी नीत राजग के घटक दल शिवसेना के मुंबई को सभी के लिये बताने के अभियान को लेकर पार्टी के भीतर और संघ परिवार में ही नाखुशी है।
राष्ट्रीय परिषद में कीमतों में बढ़ोत्तरी, आंतरिक सुरक्षा के हालात और देश की समग्र राजनीतिक स्थिति पर प्रस्ताव पारित किये जायेंगे।
गडकरी के राजनीतिक सलाहकार मनोनीत हुए विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा, कीमतों में बढ़ोत्तरी पर एक प्रस्ताव होगा और एक अन्य प्रस्ताव देश के आंतरिक सुरक्षा हालात पर होगा। देश की मौजूदा स्थिति पर भी एक व्यापक राजनीतिक प्रस्ताव पारित हो सकता है।
प्रबंधन में स्नातक गडकरी पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि वह प्रदर्शन के ऑडिट जैसे तरीकों तथा पार्टी सदस्यों को प्रेस से 'बात कम करने या बिल्कुल भी बात नहीं करने' जैसे सुझावों के जरिये संगठन को दुरूस्त करना चाहते हैं।
राष्ट्रीय परिषद के दौरान गडकरी की पार्टी की रूपरेखा पर प्रकाश डालने की संभावना है। सहस्त्रबुद्धे ने कहा, वह भाजपा में नयी जान फूंकने की अपनी योजनाओं का खुलासा करेंगे। बैठक में आगामी अक्तूबर में होने वाले बिहार के विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी चर्चा होगी। सत्रह से 19 फरवरी के बीच होने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन की शुरूआत राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बंद दरवाजों में होने वाली बैठक से होगी।
इसके बाद दो दिन राष्ट्रीय परिषद की बैठक चलेगी। दिलचस्प रूप से, गडकरी के रूपरेखा पेश करने के बजाय भाजपा नेताओं के तंबुओं में रहने, साइकल चलाने और पर्यावरण हितैषी वाहनों का इस्तेमाल करने जैसी बातें चर्चा में मुख्य बिंदु बन रहे हैं।
फिजूलखर्ची रोकने के उपाय के तौर पर शामियानों में तीन दिन की बैठक करने का विचार किया गया था लेकिन सूत्रों ने कहा है कि आलाकमान के लिये आलीशान शामियानों पर करीब आठ करोड़ रुपए खर्च किये जा रहे हैं।
इस कदम का बचाव करते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर कहते हैं कि नेता तंबुओं में रहेंगे क्योंकि यह शादियों का मौसम है और पार्टी के कई सारे प्रतिनिधियों के होटल बुक कराने से स्थानीय लोगों के लिये समस्याएं पैदा होतीं।
सहस्त्रबुद्धे ने कहा, देशभर में भाजपा नेताओं के चलाये गये विकास कार्यक्रमों और सेवाओं से जुड़ी एक प्रदर्शनी भी लगायी जायेगी। टिप्पणियां (0 भेज दिया):
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