वाशिंगटन। भारत पर मुंबई जैसे एक अन्य हमले के वास्तविक खतरे का हवाला देते हुए अमेरिका के दक्षिण एशिया मामलों के एक विशेषज्ञ ने कहा है कि दोबारा आतंकवादी हमला हुआ तो वर्ष 2008 के विपरीत इस बार भारत को सैन्य कार्रवाई से रोका नहीं जा सकेगा।
वाशिंगटन की 'विदेश संबंध समिति' (सीएफआर)नाम की संस्था में भारत, पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के वरिष्ठ विशेषज्ञ डेनियल मर्की ने कहा कि निकट भविष्य में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के भारत पर हमला करने की वास्तविक आशंका है।
आतंकवादी हमले की स्थिति में भारत की प्रतिक्रिया और उसके क्या परिणाम होंगे, इस विषय पर एक आपातकालीन योजना के बारे में लेख में उन्होंने कहा कि मुंबई पर नवंबर 2008 के हमले के विपरीत इस बार भारतीय सैन्य कार्रवाई को रोका नहीं जा सकता।
पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय सैन्य कार्रवाई से दोनों देशों के बीच संघर्ष भड़क सकता है। मर्की के अनुसार इससे पाकिस्तान में अलकायदा और तालिबान पर दबाव बढ़ाने के लिए जोर देने जैसे अमेरिकी हित प्रभावित होंगे।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अनेक आतंकवादी संगठन भारत पर हमला करने में सक्षम हैं और मुंबई जैसे एक और हमले की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। टिप्पणियां (0 भेज दिया):
|
||||||||||||||||||||||||||||||||