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नयी दिल्ली। दिल्ली के एक वकील ने आज अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को पत्र लिखकर सरबजीत सिंह की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की है, जो 1991 से पाकिस्तान की एक जेल में बंद हैं और जिसे मौत की सजा सुनायी गयी है।
वकील सूरत सिंह ने यहां कहा, ’’मैंने ओबामा को एक पत्र लिखा है, जिनके साथ मैंने हार्वर्ड लॉ स्कूल में अध्ययन किया था। उनके पास मानवाधिकारों से लड़ने की इच्छा और क्षमता है। हमें उम्मीद है कि वह सरबजीत को रिहा करा सकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि वह सरबजीत की रिहाई की मांग करने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी सहित सभी राष्ट्र प्रमुखों को पत्र लिखेंगे।
सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आ॓बामा इस मुद्दे पर सहानुभूति पूर्ण नजरिया रखेंगे और उनके भाई को रिहा कराएंगे। उन्होंने कहा, ’’मैं उनके हमारे परिवार में आने का इंतजार कर रही हूं।’’ सरबजीत को 1990 में लाहौर और मुल्तान में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में पाकिस्तान में दोषी करार दिया गया था। इन विस्फोटों में 14 लोगों की मौत हो गयी थी।
सरबजीत को पिछले साल एक अप्रैल को फांसी की सजा देने की घोषणा की गयी थी, लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के दखल के बाद सजा को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया था।