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नयी दिल्ली। पुणे में जिस बेकरी पर हमला हुआ वह उसके नाम की ही एक बेकरी दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में भी है और यही नहीं इसके अलावा आठ ऐसी हमनाम बेकरियां देशभर में मौजूद हैं।
संयोग ही कहें कि इनमें से पांच का संचालन यहूदी समुदाय के चाबड़ हाउस के पास होता है। चाबड़ केंद्र चाबड़ ल्युबाविच आंदोलन का भाग है।
बेंगलूर, मनाली, गोवा और ऋषिकेश सहित भारत में लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में नौ प्रसिद्ध जर्मन बेकरियां हैं।
गोवा में जर्मन बेकरी की दूरी चाबड़ हाउस से अधिक नहीं है जहां प्रतिवर्ष हर रोज कुछ यहूदी पर्यटक अवश्य आते हैं।
पुणे हमले के मद्देनजर इस यहूदी प्रार्थना घर को 24 घंटे की सुरक्षा दी गयी है। इस प्रार्थना घर का सर्वे गोवा में बीते वर्ष ठहराव के दौरान पाकिस्तानी अमेरिकी लश्कर ए तैयबा के कार्यकर्ता डेविड कोलमेन हेडली ने कथित तौर पर किया था।
मनाली में भी जर्मन बेकरी नाम के दो लोकप्रिय कैफे मौजूद हैं। एक पुराने मनाली में जबकि दूसरा मिशन रोड परं स्थित है। बेंगलूर में भी एक अन्य यहूदी केंद्र है जो ब्रंटन क्रास रोड पर स्थित है। बेंगलूर में भी जर्मन बेकरी है जो 1987 से नार्थ मेन रोड पर स्थित
खाने पीने का लोकप्रिय केंद्र है।
इसके मालिक रामगोपाल कार्की हैं जो तीन वर्षों के अल्पसमय के लिए जर्मनी में भी रहे हैं। जब कार्की भारत लौटे तो उन्होंने जर्मन बेकरी खोलने का निर्णय किया जिसका उद्देश्य यह था कि यहां केवल जर्मन व्यंजन परोसे जायेंगे।
केरल के कोवलम, लद्दाख के लेह में और उत्तराखंड में ऋषिकेश में भी जर्मन बेकरी है।
पुणे की जर्मन बेकरी 1988 जर्मन नागरिक वुडी ने ज्ञानेश्वर खरोसे के साथ मिलकर की थी जो यहूदी समुदाय के केंद्र के दूसरी ओर है और ओशो आश्रम के काफी करीब है।
दिल्ली में जर्मन नागरिक नार्मन ने 1994 में जर्मन बेकरी की नींव डाली थी। यह अब अजय कैफे के नाम से भी लोकप्रिय है।