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वाशिंगटन। अमरीकी सीनेट की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष जान केरी ने कहा है कि शनिवार को पुणे में हुए बम विस्फोट के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच शुरू होने जा रही वार्ता रूकनी नहीं चाहिए और यदि इसमें पाकिस्तानी तत्वों की भूमिका का पता चलता है तो सबसे पहले उस पर बात होनी चाहिए।
एक साक्षात्कार में श्री केरी ने कहा कि यदि भारत को पुणे विस्फोट की कोई कड़ी पाकिस्तान से जुड़ती दिखाई देती है तो यह दोनों देशों के बीच बातचीत का पहला मुद्दा होना चाहिए।
श्री केरी ने कहा कि इन घटना के बाद दोनों देशों के बीच वार्ता प्रक्रिया दोबारा बंद होने से उन लोगों के मंसूबे कामयाब होंगे जो लोकतंत्र को कमजोर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए यह सही समय है। इससे कोई नुकसान नहीं होगा।
श्री केरी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत की शुरूआत में ही कश्मीर का मुद्दा उठाना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों में से कोई भी इस संबंध में सहायता मांगेगा तो अमरीका उसके लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान अमरीकी सहायता चाहता है तो उसे अपनी धरती पर आतंकवाद से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवादियों का सफाया करने को लेकर अपनी इच्छाशक्ति दिखानी होगी।
ज्ञातव्य है कि भारत ने पाकिस्तान के साथ सचिव स्तर की वार्ता पर सहमति जताई थी। दोनों देशों के विदेश सचिव आगामी 25 फरवरी को मुलाकात करने वाले हैं।