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लंदन। पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पाकिस्तानी राजनीति में लौटने के संकेत दिए हैं, बशर्ते उनके देश के मतदाता इस बात का फैसला करें। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि वह अपने देश को प्यार करते हैं। उन्होंने कहा मैं पाकिस्तान के लिए कुछ भी करूंगा। नौ साल तक राष्ट्रपति पद पर रहने के बाद पिछले साल सत्ता से हटाए गए सेवानिवृत जनरल यहां थिंक टैंक चैथम हाउस में एक बैठक को संबोधित कर रहे थे।
1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की निर्वाचित सरकार का तख्ता पलट करने वाले मुशर्रफ ने कहा’’ पाकिस्तान के लिए कोई भी सब कुछ करने को तैयार होगा। हालांकि यह पाकिस्तान की जनता है जिसे फैसला करना है।
सेना प्रमुख पद पर रहते हुए शरीफ से सत्ता छीनने के संदर्भ में पूर्व सैन्य शासक ने मजाकिया लहजे में कहा मैं अब एक आम नागरिक हूं, सैन्यकर्मी नहीं। मैं किसी चीज को अपने हाथ में नहीं ले सकता।
उन्होंने कहा मुझे राजनीतिक प्रक्रिया के जरिए, चुनाव के जरिए आना होगा। मुशर्रफ ने कहा लेकिन मैं समझता हूं कि यह बहुत अच्छा है क्योंकि इससे मेरे पास वह वैधता होगी, जो मुझे कभी नहीं मिली।
मुशर्रफ ने हालांकि इस बारे में कुछ नहीं कहा कि क्या उन्होंने वर्ष 2007 में जजों को गिरफ्तार करने के मामले में मुकदमे का सामना करने के लिए पाकिस्तान जाने का फैसला किया है।
मुशर्रफ ने देश में आपातकाल लागू कर तीन नवंबर 2007 को 60 जजों को पद से हटा दिया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें सेना की वर्दी में रहते हुए राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के अयोग्य करार दिए जाने के बाद यह कदम उठाया था।
वह इस समय लंदन के अरबी कवार्टर में ’शीशा बार्स’ तथा ’कबाब ज्वाइंटस’ के पीछे तीन बेडरूम के फ्लैट में रहते हैं। लेकिन उनकी यहां तगड़ी सुरक्षा है।
जनरल की सुरक्षा में पाकिस्तान के सेवानिवृत कमांडों की एक छोटी टीम तैनात रहती है और उसका खर्च मुशर्रफ खुद उठाते हैं। स्काटलैंड यार्ड ने भी पूर्व पाकिस्तानी शासक को सुरक्षा मुहैया करायी हुई है।