नयी दिल्ली। भारत ने आज कहा कि उसके पास अग्नि-तृतीय मिसाइल है जो उपग्रह भेदी क्षमता विकसित करने का प्लेटफॉर्म है लेकिन एक उपग्रह को मार गिराना तकनीक की वैधता के लिए आवश्यक नहीं है।
अग्नि-तृतीय मिसाइल से संबंधित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डीआरडीओ के प्रमुख वीके सारस्वत ने कहा, अग्नि-तृतीय में हमारे पास बिल्डिंग ब्लाक हैं और यह उपग्रह को मार गिराने में सक्षम है लेकिन हमें किसी उपग्रह को नहीं गिराना है। अगर किसी उपग्रह को मार गिराया जाता है तो इसके दुष्परिणामस्वरूप उत्पन्न कचरा अंतरिक्ष में कई वर्षों तक रहेगा।
उन्होंने कहा कि ए-सैट की क्षमता को परखने के लिए एक आभासी इलेक्ट्रानिक उपग्रह छोड़ा जा सकता है और उसे मार गिराया जा सकता है।