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शनिवार, 25 मई, 2013
समय यूपी/उत्तराखंड एमपी/छत्तीसगढ़ बिहार/झारखंड महाराष्ट्र/गुजरात एनसीआर/हरियाणा/राजस्थान आलमी सहारा
23 Dec 2011 12:44:29 PM IST
Last Updated : 23 Dec 2011 12:44:29 PM IST

क्या यही संसदीय लोकतंत्र है: केजरीवाल

क्या यही संसदीय लोकतंत्र है: केजरीवाल
टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो).

लोकपाल बिल पर गुरूवार को लोकसभा में हुई बहस को सुनकर अरविंद केजरीवाल बेहद निराश हुए.

केजरीवाल ने बहुत आहत होकर कहाकि लोकसभा का यह दृश्य देखकर मेरा विश्वास डगमगा गया है.

सांसदों पर प्रहार करते हुए टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि लोकसभा में लोकपाल विधेयक पर हुई बहस को सुनकर उनका संसद पर बहुत कम भरोसा रह गया है.

केजरीवाल ने ट्विट किया ‘वे (सांसद) कहते हैं कि संसद पर भरोसा रखो. मेरी मां कहती हैं ‘भगवान शिव में भरोसा रखो. अब मैं अपनी मां से ज्यादा सहमत हूं.’

उन्होंने कहा कि उन्होंने कल संसद में लोकपाल विधेयक पेश होने के बाद उसपर हुई बहस को ‘बहुत पीड़ा के साथ’ सुना.उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा क्या यही संसदीय लोकतंत्र है? क्या यह कभी भारत को गरीबी, भ्रष्टाचार और अशिक्षा से बाहर निकाल पाएगा?

उन्होंने कहा क्या ये संसद वास्तव में सर्वोच्च है? क्या हमें लालू (प्रसाद), मुलायम (सिंह यादव), (कपिल) सिब्बल, पी. चिदंबरम और ए. राजा को सर्वोच्च मानना होगा? क्या वे कभी भी मजबूत भ्रष्टाचार निरोधक विधेयक आने देंगे?

लोकसभा में कल लोकपाल पर हुई चर्चा के दौरान राजद प्रमुख लालू प्रसाद समेत कई सांसदों ने टीम अन्ना पर हमले किए और कहा कि सरकार को लोकपाल विधेयक को पारित कराने की कोई जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.

कल अभिनेता अनुपम खेर ने सांसदों के बारे में ट्विट किया था ‘वे कभी भी लोकपाल को लेकर गंभीर नहीं थे और वे कभी भी इसे लेकर गंभीर नहीं होंगे. लालू यादव को सुना. और वे चाहते हैं कि मैं सांसदों का सम्मान करूं.’


 


 

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