कर्नाटक विधानसभा में भाजपा के मंत्री ब्लू फ़िल्म देखते पकड़े गए- वीडियो
लोकतंत्र को किया शर्मसार
सरकारी संगीत समारोह में सेक्स के विवाद में फँसी कर्नाटक सरकार के मंत्री की ताजा करतूत ने लोकतंत्र को शर्मसार कर दिया. ये विधानसभा में मोबाइल पर ब्लू फ़िल्म देख रहे थे. आप खुद ही देखिए.
कर्नाटक विधानसभा में मोबाइल फोन पर पोर्न फिल्म देखते पाए गए मंत्री लक्ष्मण सवदी, सी.सी. पाटील और जे. कृष्णा पालेमर ने मंत्री पद से इस्तीफे दे दिए हैं.
राज्य में सहकारिता मंत्री लक्ष्मण सवदी को मंगलवार को विधानसभा में अपने मोबाइल फोन पर अश्लील सामग्री देखते हुए पाया गया. इस घटना से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को काफी शर्मिदगी का सामना करना पड़ा है.
कन्नड़ टेलीविजन चैनलों पर दिखाया गया कि विधानसभा में जब उत्तरी कर्नाटक में हाल ही में एक हिंदू समर्थक समूह द्वारा कथित रूप से पाकिस्तानी राष्ट्रध्वज के फहराने पर चर्चा हो रही थी, उस समय सवदी अपने बगल में बैठे महिला एवं बाल कल्याण मंत्री सी.सी. पाटील के साथ मोबाइल पर अश्लील सामग्री देख रहे थे.
बाद में दोनों मंत्रियों ने मामले में अपने एक और साथी पर्यावरण एवं बंदरगाह मंत्री जे. कृष्णा पालेमर को भी शामिल कर लिया. सवदी और पाटील ने कहा कि मोबाइल फोन पालेमर का है.
सवदी और पाटील ने दावा किया कि मोबाइल में अश्लील सामग्री नहीं थी बल्कि विदेश में एक महिला की बलात्कार और हत्या के दृश्य थे जिसे वे देख रहे थे. दोनों मंत्रियों ने कहा कि वे यह समझने के लिए उक्त वीडियो को देख रहे थे कि कथित सेक्स को लेकर हुए विवाद में कैसे इस तरह की घटनाएं हो जाती हैं.
इस घटना को लेकर राज्य भर में लोग सदमे में आ गए और सवदी और पाटील की निंदा की.
विपक्षी पार्टियों ने दोनों मंत्रियों को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने और उन्हें विधानसभा से निष्कासित करने की मांग की है.
विधानसभा में हुई इस घटना के टेलीविजन पर प्रसारित होने के कुछ ही घंटों के भीतर कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं के एक समूह ने सवदी के आवास पर पत्थर फेंके.
वहीं, मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने मामले की जांच और कार्रवाई करने के लिए विधानसभा के अध्यक्ष के.जी. बोपैया को अधिकृत किया है. बोपैया ने कहा कि विधानसभा में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है. उन्होंने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे और कार्रवाई करेंगे.
जनता दल-सेक्युलर के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा, 'कर्नाटक विधानसभा और राज्य के लोगों पर यह काला धब्बा है.'
विपक्ष के नेता और कांग्रेस के सिद्दरमैया ने पत्रकारों से कहा, 'कर्नाटक विधानसभा के इतिहास में यह सबसे शर्मनाक घटना है. दोनों को मंत्री पद से हटाते हुए उन्हें विधानसभा से निष्कासित करना चाहिए.' इसी दबाव में तीनों मंत्रियों ने मंत्री पद से इस्तीफे दे दिए हैं.