Holi Tips: खूब खेलें होली लेकिन जरा संभलकर

Holi Tips: खूब खेलें होली लेकिन जरा संभलकर

होली सुनते ही सुंदर रंगों के इंद्रधनुष का ख्याल आता है जो आपको खुश कर देता है। होली का त्योहार एक तरफ अगर खुशी और उत्साह लेकर आता है तो दूसरी ओर होली खेलने के बाद रंग साफ करना भी एक समस्या होता है। कृत्रिम रंगों में मौजूद रसायन नुकसानदेह होते हैं और विभिन्न किस्म की समस्याओं का कारण बनते हैं। इनमें त्वचा की गड़बड़ी, रंग खराब होना, जलन, खुजली और खुश्की आदि शामिल हैं। होली के रंग में मौजूद कठोर रसायन खुजली और जलन का कारण बन सकते हैं और खुजली करने पर ये एक्जीमा का रूप ले सकते हैं और यह रंगों से होने वाली सबसे आम किस्म की प्रतिक्रिया है। रंग हटाने के लिए अपनी त्वचा को ज्यादा न रगड़ें। इससे ब्लिस्टर्स, रैशेज या एलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं। इसकी बजाय अपनी त्वचा को गुनगुने पानी से गीला करके 10-15 मिनट छोड़ दीजिए और देखिए रंग अपने आप बहकर काफी हल्का हो जाएगा। रुखे और कठोर साबुन की बजाय हल्के क्लिंजर का उपयोग किया जाना चाहिए। प्राकृतिक और घरेलू क्लिंजर जैसे दूध और बेसन मिलाकर लगाने से भी आपका शरीर अच्छी तरह साफ होता है। त्वचा को अच्छी तरह साफ करने और शावर से निकलने के बाद त्वचा को कोमल तौलिए से हल्के-हल्के पोछ कर सुखाइए और पोषण देने वाला मॉइश्चराइजर पूरे शरीर में लगाइए। लाली या ब्लिस्टर्स की स्थिति में कैलामाइन लोशन लगाया जा सकता है। आपकी त्वचा सांस ले पाए इसके लिए कोमल सूती कपड़े पहनिए। पहले ही रोकथाम करना बाद में उपाय करने से बेहतर है। होली के रंगों का मजा लेने के लिए बाहर निकलने से पहले बरती जाने वाली कुछ सावधानियां-

 
 
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