ये है राजधानी का रंग-बिरंगा रावण का साम्राज्य...

PICS: अच्छा, तो हम चलते हैं .. , कहने की तैयारी में रावण का साम्राज्य

सड़क के दोनों किनारे कतारबद्ध तरीके से रखे रावण के विशालकाय सिर और पुतलों को देखकर इस पतली सी गली को दानव गली कहना बेहतर हो सकता है, जहां रावण के पुतलों का साम्राज्य फैला है. खास बात यह है कि यहां के रावणों की भारी मांग भी रहती है. स्वागत है आप सभी का पश्चिम दिल्ली के तितारपुर इलाके में, जहां पांच फुट से लेकर 50 फुट लंबे रावण खड़े मिल सकते हैं. चमकीले आवरण में लिपटे बांस की कमचियों से बने इन ढांचों को ऑर्डर पर तैयार किया जाता है. इनमें से कई भेजे जाने की तैयारी में हैं तो कई खरीददार इंतजार में खड़े हैं. यहां सिर्फ रावण के पुतले नहीं हैं. टैगोर गार्डन और सुभाष नगर के बीच की सड़क पर खड़ी रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद की तिकड़ी को यहां सजाया जाता है और दशहरा के अवसर पर दहन के लिये मांग के अनुरूप इन्हें देश भर में भेजा जाता है. हर साल की तरह इस साल भी वहां बनी कई अस्थायी दुकानों में से एक सुभाष और कौशल रावणवाले के सतीश कुमार ने बताया, रावण तो हमेशा से मांग में रहता है.

 
 
Don't Miss
 
PIC OF THE DAY