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नयी दिल्ली। सरकार ने आज कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में ताजा कटौती से बैंक नीतिगत दरों में कटौती करने को प्रेरित होंगे तथा निजी क्षेत्र के बैंक भी देर सबेर कार्ज सस्ता करेंगे। आर्थिक मामलों के सचिव अशोक चावला ने यहां संवाददाताओं को बताया हम आरबीआई के कदम का स्वागत करते हैं। यह बैंकों को अपने ब्याज दरों को कम करने का पर्याप्त प्रोत्साहन देगा। निजी क्षेत्र के बैंक देर सबेर इस राह पर चलेंगे। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने अल्पावधि उधार के लेने और देने की दरों (रैपो और रिवर्स रैपो की दरों में आधा प्रतिशत की कमी की है जबकि अन्य प्रमुख दर) नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को यथावत बनाये रखा। रिजर्व बैंक की रेपो .ं उधार देन की दर घट कर 5 प्रतिशत और रिवर्स रेपो ( बैंकों से अल्प अवधि के लिए पैसा लेने की) दर 3.5 प्रतिशत रह गयी है। सीआरआर वाणिज्यिक बैंकों की जमा राशि का वह हिस्सा है जिसे उन्हें केन्द्रीय बैंक के पास रखना होता है। चावला ने कहा कि बैंकों के पास रिण देने योग्य नकदी की कमी नहीं है इस लिए सीआरआर में कटौती करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहजा कि जब भी स्थिति आई है नीतिगत दरों में कटौती की गई है। उन्होंने कहा कि जब कभी भी स्थिति सामने आयेगी रिजर्व बैंक आगे और निर्णय करेगा। रिजर्व बैंक ने कल यह भी कहा था ऐसी उम्मीद की जा रही है कि नीतिगत दरों में कटौती के बाद आब बैंक उत्पादक कार्यो के लिए सस्ती दर पर ऋण सुलभ कराने को प्रोस्ताहित होंगे। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने कल सीआरआर में कोई कम न करने के बवजूद कहा है कि वह बैंक प्रणाली में पर्याप्त नकदी सुनिश्चत करेगा।