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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित सीटों में से एक लखनऊ संसदीय क्षेत्र में जहां समाजवादी पार्टी फिल्मी ग्लैमर के जरिये सिने अभिनेता संजय दत्त को मैदान मे उतार कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की सीट जीतना चाहती है वहां बसपा ने लखनऊ के पूर्व मेयर एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा.अखिलेश दास को प्रत्याशित बनाया है और भाजपा ने लालजी टंडन को बाजपेयी का उत्तराधिकारी घोषित कर विकास के मुददे पर जीतने की रणनीति बनायी है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगभग सभी सीटों पर चुनावी बिसात में जातिगत मोहरे तय किए जाते हैं पर अलग मिजाज और तहजीब वाला नवाबों का शहर लखनऊ इससे जुदा है जहां इस लोकसभा चुनाव में विकास मुख्य मुददा होगा।
भाजपा प्रत्याशी लालजी टंडन ने कहा कि लखनऊ की अपनी एक अलग सियासी पहचान है यहां के लोगों ने कभी भी फिल्म स्टार और बाहुबली अथवा धन दौलत वाले उम्मीदवारों को महत्व नही दिया मुजफ्फर अली और राजबब्बर इसके प्रमाण हैं जो बुरी तरह चुनाव हारे। उन्होंने कहा कि लखनऊ के मतदाता कभी भी संकीर्ण मानसिकता से अथवा निजी फायदे के लिए वोट नही डालते बल्कि शहर के हितों और विकास को तरजीह देते हुए उन्हें ही अपना प्रतिनिधि चुनते हैं जिन्होंने शहर के लिए कल्याणकारी योजनाओं की अथवा विकास कार्यक्रमों की शुरुआत की। विकास के लिए पहल करने वालों के रूप में अटल बिहारी बाजपेयी इसका जीवंत उदाहरण है।
भाजपा ने लाल जी टंडन को अटल बिहारी वाजपेयी का उत्तराधिकारी घोषित कर प्रतिष्ठित लखनऊ सीट से प्रत्याशी बनाया है। टंडन को इस सीट के लिए कई दावेदारों पर तरजीह दी गयी है जिसमें ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी जैसे नाम भी शामिल हैं। मुसलमानों के बारे में पूछे जाने पर टंडन ने कहा कि लखनऊ गंगा जमुनी तहजीब वाला शहर है इससे पहले भी इसे बिगाड़ने की राजनैतिक चालें चली जाती रही
हैं यहां के शिया सुन्नी मुसलमान विकास और व्यक्तित्व के आधार पर मतदान करते आये हैं। यहां न तो जातिवादी राजनीति चलती है और न ही हिन्दू मुस्लिम। उन्होंंने कहा कि मुख्य चुनावी मुददा विकास होगा और वर्ष 1962 में सभासद चुने जाने से लेकर प्रदेश के नगर विकास मंत्री बनने तक लखनऊ को आधुनिक बनाने के लिए किए गए कार्यो के आधार पर जनता के बीच जाऊंगा।
सपा प्रत्याशी अखिलेश दास का नाम लिए बिना लालजी टंडन ने कहा एक प्रत्याशी ने तो चुनाव से पहले ही करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिये हैं इसके बावजूद यहां न तो धन बल चलेगा और न ही बाहुबल। टंडन का यह भी मानना है कि समाजवादी पार्टी ने फिल्म स्टार संजय दत्त को प्रत्याशी तो घोषित कर दिया है पर उन्हें उच्चतम न्यायालय चुनाव लड़ने की इजाजत देगा या नहीं अभी यही तय नहीं है। बसपा प्रत्याशी अखिलेख दास ने दो माह पहले ही राज्यसभा पहुंचकर पलायन के संकेत दे दिये हैं। अभी तो हमारे खिलाफ खड़े होने वाले उम्मीदवार की स्थिति ही स्पष्ट नहीं है। टंडन ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के शुरू कराये गये विकास कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता रही है और भविष्य में भी रहेगी। उन्होंने कहा शहर में जो भी विकास कार्य हुए हैं उनमें वाजपेयी की विशेष रूचि रही है। मेरी कोशिश उन कार्यों को आगे बढाने की रहेगी। यह प्रयास भी किया जाएगा कि इस ऐतिहासिक शहर का विकास नये युग के हिसाब से हो लेकिन इसकी पहचान से कोई छेड़छाड़ नहीं हो।