Twitter Facebook YoutubeRSS
Spacer
Samay Live
शुक्रवार, 10 फ़रवरी, 2012 |
लाइव टीवी
समय नेशनल यूपी/उत्तराखंड एमपी/छत्तीसगढ़ बिहार/झारखंड समय मुंबई एनसीआर/हरियाणा/राजस्थान आलमी सहारा
02 Mar 2009 08:47:26 PM IST
Last Updated : 30 Nov -0001 12:00:00 AM IST

आईएसी का नाम हो सकता है आईएनएस विक्रांत


नयी दिल्ली। कोच्चि में बनाये जा रहे भारत के पहले स्वदेशी विमान वाहक ‘आईएसी' का नाम आईएनएस विक्रांत रखा जा सकता है। 1971 के भारत पाक युद्ध में साहसिक परिचालन करने वाले इस विमानवाहक को अब नौसेना की सेवा से हटा दिया गया है। आईएसी पहला ऐसा भारतीय जंगी जहाज होगा जिसमें महिला नौसेना कर्मियों के लिए अलग से रहने की सुविधा होगी। नौसेना के एक अधिकारी ने आज बताया नौसेना की यह परंपरा रही है कि समान प्रकार के नये युद्धक जहाज का नाम सेवा से बाहर किये गये जंगी जहाज पर रखा जाता है। इसके पीछे यह विचार है कि जंगी जहाज कभी नहीं मरता। नया जंगी जहाज परंपरा को आगे बढ़ाता है और इसे सेवा से अलग किये गये युद्धक जहाज की अगली कड़ी के रूप में देखा जाता है। परंपरा के अनुसार इस बात की प्रबल संभावना है कि आईएसी का नाम आईएनएस विक्रांत पर रखा जाये। बहरहाल उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा क्योंकि आईएसी का निर्माण अभी शुरू हुआ है और नाम के बारे में निर्णय करने में वक्त लगेगा। उन्होंने कहा पहले नामों की सूची का सुझाव दिया जाता है तथा सशस्त्र बल के सर्वोच्च कमांडर भारत के राष्ट्रपति निर्णय करते हैं और नाम को मंजूरी देते हैं। यह निर्णय जंगी जहाज को 2015 में शामिल किये जाने से कुछ ही समय पूर्व किये जाने की संभावना है। अधिकारी ने कहा कि आईएसी की डिजाइन शुरूआत से ही इस प्रकार की बनायी जा रही है कि इसमें महिलाओं के रूकने की व्यवस्था हो सके ताकि यदि सरकार भविष्य में उन्हें अनुमति देती है तो वे युद्धक जहाज में जा सकें।


टिप्पणियां (0 भेज दिया):
टिप्पणी भेजें टिप्पणी भेजें
आपका नाम :
आपका ईमेल पता :
अपनी टिप्पणियां जोड़ें :
निम्नलिखित कोड को इन्टर करें:
चित्र Code
कोड :


 

Tools: Print Print Email Email



 

 

Facebook

Twitter

Youtube

RSS

Spacer