भोपाल। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की पराजय के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दस साल चुनावी राजनीति से संयास की जो कसम खाई थी, वह उस पर आज भी कायम है।
आज यहां संवाद्दाताओं ने आने वाले लोकसभा चुनाव में उनके चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर जब सवाल पूछा, तो कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पहले ही राजनेताओं की करनी और कथनी को लेकर आरोप लगते रहे हैं, अब कम से कम मुझे तो अपनी कथनी निभाने दीजिये।
उन्होंनें कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए नवम्बर 2003 के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़
कांग्रेस की पराजय की जिम्मेदारी लेकर दस साल चुनावी राजनीति से दूर रहने का ऐलान
किया था, इसलिये 2013 तक तो उनके चुनाव लड़ने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता।
यह पूछने पर कि क्या वह राज्यसभा चुनाव लड़ेंगें, सिंह ने कहाकि मैं संसद
में पिछले दरवाजे से प्रवेश पर भरोसा नहीं करता हूं।