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चौथी तिमाही रहेगी अच्छी
नयी दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ का दावा है कि सरकार के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेजों का असर होने लगा है चालू वित्तीय वर्ष के बाकी दो महीनों में देश की आर्थिक गाड़ी की रफ्तार बढेगी।
कमलनाथ ने यहां कहा मेरा मानना है कि सबसे बुरा दौर खत्म हो चुका र्है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के आखिरी दो महीने फरवरी,मार्च आर्थिक वृद्धि की दृष्टि से पहले से अच्छे रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सांख्यिकी संगठन सीएसओ के ताजा आंकडों में तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर08 में जीडीपी की वृद्धि 5.3 प्रतिशत रही जो इससे पिछले वर्ष की इस दौर की 8.9 प्रतिशत की वृद्धि के आगे भारी गिरावट है।
उन्होंने कहा कि सरकार अक्टूबर दिसंबर की तिमाही की धीमी आर्थिक रफ्तार को समझती है और इसी कारण ही तो आर्थिक प्रोत्साहन के उपायों की घोषणाएं की गयीं।
कमलनाथ कहा कि आर्थिक नरमी तीसरी तिमाही में ज्यादा परिलक्षित होने लगी इसी लिए सरकार ने उससे निबटने के कदम उठाए हैं। सीएसओ के अनुमानों के मुताबिक तीसरी तिमाही में कारखाना क्षेत्र का उत्पादन 0.2 प्रतिशत और कृषि क्षेत्र का उत्पादन एक वर्ष पूर्व इसी अवधि के मुकाबले 2.2 प्रतिशत घट गया।
वाणिज्य मंत्री ने कहा हम भी जानते थे यह जरूर है कि आंकडे सामने नहीं आए थे पर हमें लग गया था कि उत्पादन गतिविधियां तेजी से घटी हैं इसी लिए हमने पैकेज घोषित किया। उन्होंने कहा आप आटो सीमेंट और स्टील उत्पादन के नवंबर के आंकड़ों की तुलना जनवरी से करें तो आप को बड़ा सुधार दिखेगा।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने तीन माह से भी कम समय में तीन प्रात्साहन पैकेज घोषित किए जिनमें उद्योगों को उत्पाद शुल्क और सेवा कर में रियायत के अलावा निर्यातकों को ब्याज राहत और रिफंड की सुविधाएं बढाई गयी है। सरकार ने ढांचागत क्षेत्र में सरकारी निवेश बढाने के भी कदम उठाए है।
वैश्विक मंदी से भारत का निर्यात उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित है ओर चालू वित्तीय वर्ष में निर्यात 170..175 अरब डालर के बीच ही रहने की उम्मीद है जबकि लक्ष्य 200 अरब डालर का था।