मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश-हरियाणा सीमा विवाद के चलते हरियाणा के किसानों ने कल मुजफ्फरनगर जिले के ग्राम काकोर में किसानों की झोपड़ियों में आग लगा दी तथा खेतों में खड़ी गेंहूं की फसल को उजाड़ दिया। इस दौरान प्रदेश के किसानों की सम्पति लूट ली गयी। सीमा पर दो राज्यों के बीच संघर्ष की आशंका को टालने के लिये जिला प्रशासन ने हरियाणा के अधिकारियों को कार्यवाई के लिये लिखा है। सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।
परगना मजिस्ट्रेट कैराना संत कुमार ने आज यहां बताया कि घटना के संबंध में हरियाणा के अधिकारियों को कार्यवाई के लिये लिखा है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि इस मामले में हरियाणा के समालखा के मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर सीमा पर शांति बनाये रखने को लिखा गया है तथा सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।
इस बीच उपजिलाधिकारी ने राजस्व टीम का गठन कर विवादित जमीन की पैमाईश
के आदेश दिये हैं तथा घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिये गये हैं। कल जिले के थाना कैराना क्षेत्र के ग्राम काकोर के किसानों की जमीन पर खड़ी गेंहू की फसल उजाड़ दी गयी तथा झोपड़ियों में आग लगाकर किसानों का सामान लूट लिया गया।
घटना के संबंध में उत्तर प्रदेश के किसानों ने जिला प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई है। सीमा विवाद को लेकर दोंनों राज्यों के किसानों में संघर्ष की आशंका बनी हुई है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत,गाजियाबाद, बुलंदशहर और अलीगढ़ जिलों की सीमा पर दीक्षित अवार्ड पूरी तरह लागू न होने के कारण सीमा विवाद सुलझाया नहीं जा सका है। यमुना नदी की जलधारा समय-समय पर बदलने के कारण दोनों राज्यों के किसानों के बीच संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि दोनों राज्यों की सीमा विवाद निपटाने के लिये 1975 में दीक्षित अवार्ड के तहत यमुना नदी की गहरी धारा को स्थाई सीमा माना गया था तभी से यह विवाद में चल रही है। टिप्पणियां (0 भेज दिया):
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